मशहूर अभिनेता और होस्ट शेखर सुमन ने अपने साप्ताहिक यूट्यूब सटायर शो ‘शेखर टुनाइट’ को लेकर फैल रही गलतफहमियों पर खुलकर बात की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनके इस शो का मकसद केंद्र में बैठी भारतीय जनता पार्टी सरकार को निशाना बनाना बिल्कुल नहीं है। ‘द लल्लनटॉप’ को दिए एक इंटरव्यू में सुमन ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इतने “कमजोर” नहीं हैं कि वे या उनकी सरकार इस तरह के तीखे मोनोलॉग पर आपत्ति जताएंगे।

सुमन ने कहा कि उनका सटायर किसी एक पार्टी या नेता पर नहीं, बल्कि सिस्टम की कमियों और उसे चलाने वालों पर केंद्रित है। उन्होंने शो के प्रोड्यूसर धर्मेश संगानी के ऑफिस पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी को लेकर हो रही अटकलों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस कार्रवाई को प्रोग्राम से नहीं जोड़ा और उन्हें नेताओं से धमकियां मिलने के बजाय तारीफ़ ही मिली है।
अपना पक्ष रखते हुए सुमन ने सरकार की तुलना क्लास मॉनिटर से की। उन्होंने कहा, “अगर क्लास मॉनिटर से कोई चूक होती है, तो छात्र घबरा जाते हैं और उससे जवाब मांगते हैं, है ना? इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि मॉनिटर कौन है।” उन्होंने कहा कि उनका नज़रिया हमेशा से यही रहा है। उनका लेटनाइट टॉक शो ‘मूवर्स एंड शेकर्स’ पहली बार 1997 में आया था, जब केंद्र में BJP सत्ता में थी, और 2012 में फिर से शुरू हुआ, जब कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में थी।
उन्होंने कहा कि उनका सटायर कभी भी किसी खास राजनीतिक पार्टी पर केंद्रित नहीं रहा है। उन्होंने कहा, “जैसे हम पहले PM अटल बिहारी वाजपेयी पर तंज़ कसते थे, वैसे ही PM मनमोहन सिंह पर भी कसते थे। हम किसी व्यक्ति या किसी सरकार पर नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर टिप्पणी करते हैं। अगर आपने किसी को सिस्टम का नेतृत्व करने के लिए चुना है और वे रास्ते से भटक जाते हैं, तो आप उन्हें यह बात बताते हैं। इसीलिए यह किसी के ख़िलाफ़ नहीं, बल्कि लोगों के पक्ष में है। हम बस लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और उनकी आवाज़ को बुलंद कर रहे हैं। हम भविष्य में भी ऐसा ही करेंगे, जब कोई और सत्ता में होगा।”
सुमन ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उतना ही सम्मान करते हैं जितना कांग्रेस प्रमुख और विपक्ष के नेता राहुल गांधी का। उन्होंने कहा, “लेकिन जब कुछ गलत होता है, तो उसके खिलाफ बोलना सही है।” मोदी की आलोचना करने वाले वीडियो को सोशल मीडिया से हटाए जाने की खबरों पर उन्होंने कहा, “ऐसा होता है। ऐसा हो रहा है। इसके लिए आप किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते, लेकिन सिस्टम में कहीं न कहीं गड़बड़ है। जो लोग नेतृत्व कर रहे हैं, वे सिर्फ चेहरे हैं। लेकिन जवाबदेही तो होनी ही चाहिए।”
सुमन ने कहा कि उन्हें बीजेपी सरकार की ओर से शो हटाने के लिए कोई फोन नहीं आया। इसके बजाय, उन्हें कई राजनेताओं से तारीफ भरे फोन आए। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि पीएम मोदी इतने कमजोर हैं कि उनकी सरकार मुझे इतने छोटे से शो के लिए फोन करेगी। वह बहुत ताकतवर इंसान हैं। दुनिया भर में ऐसी कई और चीजें हो रही हैं जिन पर उन्हें ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। ‘शेखर टुनाइट’ के अलावा दुनिया में और भी दुख हैं,” उन्होंने फैज अहमद फैज की कविता ‘मुझसे पहली सी मोहब्बत मेरे महबूब न मांग’ की एक पंक्ति का जिक्र करते हुए कहा।
उन्होंने याद किया कि जब यूट्यूब पर ‘शेखर टुनाइट’ का पहला एपिसोड रिलीज हुआ, तो कई कमेंट्स में दावा किया गया कि दूसरा एपिसोड कभी रिलीज नहीं होगा। “क्यों? इसे कौन रोकेगा? पीएम मोदी? उन्होंने खुद कई बार कहा है कि उन्हें अपनी आलोचना पसंद है। इसलिए, हमने वहीं से संकेत लिया। मेरा मानना है कि उनमें सेंस ऑफ ह्यूमर है और वह इसे इतनी गंभीरता से नहीं लेंगे। यह लोकतंत्र का हिस्सा है और मेरे पेशे का भी। हम जो कह रहे हैं, वह मनोरंजन और व्यंग्य के दायरे में है। इसलिए, सरकार के परेशान होने की कोई वजह नहीं है। मेरा शो इतना महत्वपूर्ण नहीं है,” उन्होंने कहा।
सुमन ने कहा कि जब उन्हें पहली बार बीजेपी नेताओं के फोन आए, तो उन्हें लगा कि शायद वे गलत वजहों से फोन कर रहे हैं। “लेकिन ऐसा नहीं था। कुछ नेता तो मेरे घर भी आए। वे सभी ईमानदार और सच्चे लोग हैं। बहुत से लोग यह गलतफहमी फैलाते हैं कि डर का माहौल है और कोई किसी के खिलाफ कुछ नहीं कह सकता। वे क्यों नहीं कह सकते? लोग अपनी आवाज उठा रहे हैं,” उन्होंने कहा। प्रोड्यूसर के ऑफ़िस पर ED की रेड
जब ‘शेखर टुनाइट’ शो को लोकप्रियता मिलने लगी, खासकर “तानाशाह” पर सुमन के मोनोलॉग के बाद, तो प्रवर्तन निदेशालय ने शो के प्रोड्यूसर धर्मेश संगानी के ऑफ़िस पर छापेमारी की। हालांकि, सुमन ने कहा कि वह इस कार्रवाई को प्रोग्राम के कंटेंट से नहीं जोड़ेंगे।
उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता। हो सकता है कि प्रोड्यूसर की कोई निजी समस्या रही हो। पेमेंट में देरी हुई थी, तो शायद इसलिए ऐसा हुआ। यह एक छोटी सी बात थी।” उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने कभी संगानी से छापेमारी की वजह नहीं पूछी। सुमन ने कहा, “आप खुद अंदाज़ा लगा सकते हैं कि छापेमारी तभी क्यों हुई? लेकिन वह एक स्वतंत्र बिजनेसमैन हैं। उनके और भी कामकाज हैं। जैसे हाल ही में वाशु भगनानी के साथ हुआ। उन्होंने कई एक्टर्स के साथ काम किया है। इसी तरह, मैंने भी सैकड़ों प्रोड्यूसर्स के साथ काम किया है। वह उनमें से एक हैं।” ED ने हाल ही में वाशु भगनानी के प्रोडक्शन हाउस, पूजा एंटरटेनमेंट पर भी छापेमारी की थी।
सुमन ने कहा कि इन घटनाओं के बावजूद संगानी ने शो को सपोर्ट करना जारी रखा। उन्होंने कहा, “लेकिन मुझे उनकी तारीफ़ करनी होगी कि उन्होंने अपनी मर्ज़ी से इसे सपोर्ट किया, क्योंकि हमने उन्हें बताया था कि यह एक अलग तरह का शो है।” सुमन के मुताबिक, संगानी ने उनसे कहा, “शो बनाना बंद मत करो। इसे जारी रखो। मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूँ। डरो मत। चिंता करने की कोई बात नहीं है। यह एक आम बात है।” सुमन ने आगे कहा, “मुझे अभी भी नहीं लगता कि सरकार इतनी कमज़ोर है। और अगर ऐसा है, तो यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।”