गुरुवार, 5 नवंबर 2026 ब्रेकिंग
UP: उम्रकैद और 50 हजार जुर्माना, तीन बच्चों को जहर देकर मारने वाली मां को सजा​ | UGC New Rules: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा- हर छात्र की रक्षा करें, नए नियमों की समीक्षा के लिए बनेगी कमेटी​ | IPL 2027 से पहले CSK और SRH के बीच ट्रेड, Liam Livingstone टीम में शामिल​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

UP: उम्रकैद और 50 हजार जुर्माना, तीन बच्चों को जहर देकर मारने वाली मां को सजा​

मां की गोद को बच्चों के लिए दुनिया का सबसे सुरक्षित ठिकाना माना जाता है, लेकिन उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने मांबच्चों के पवित्र रिश्ते को झकझोर कर रख दिया. अपने ही तीन मासूम बच्चों को जहर देकर उनकी जान लेने की दोषी महिला सुनीता को अदालत ने आजीवन […]

मां की गोद को बच्चों के लिए दुनिया का सबसे सुरक्षित ठिकाना माना जाता है, लेकिन उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने मांबच्चों के पवित्र रिश्ते को झकझोर कर रख दिया. अपने ही तीन मासूम बच्चों को जहर देकर उनकी जान लेने की दोषी महिला सुनीता को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. कोर्ट ने उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. सजा सुनाते हुए अदालत ने घटना को मानवता को शर्मसार करने वाला मामला बताया.

मामला वर्ष 2022 का है. गाजीपुर के सुहवल थाना क्षेत्र के ढढ़नी गांव में 15 अगस्त को पारिवारिक अनबन के बाद सुनीता ने अपने मायके में अपने ही तीन बच्चों को चाय में जहर दे दिया था. जहरीली चाय पीने के बाद दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरी बेटी ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी.

कोर्ट ने माना दोषी

मामले में आरोपी महिला के देवर ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. इसके बाद पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया के तहत मामला अदालत पहुंचा. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए. गवाहों के बयान और अदालत में सबूतों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम शक्ति सिंह की अदालत ने सुनीता को तीनों बच्चों की हत्या का दोषी ठहराया.

महिला को उम्रकैद की सजा

अदालत ने दोषी महिला को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई. फैसला सुनाते हुए न्यायालय ने बेहद गंभीर टिप्पणी भी की. अदालत ने कहा कि भारतीय सामाजिक व्यवस्था में मां का स्थान बच्चों के लिए ईश्वर के समान माना गया है. बच्चे अपने परिवार में सबसे अधिक भरोसा मां पर करते हैं. अभियुक्त ने जिन तीन बच्चों को नौ महीने तक गर्भ में पाला, उन्हीं के प्रति क्रूरता दिखाते हुए इस जघन्य घटना को अंजाम दिया. अदालत के मुताबिक, यह कृत्य मां और बच्चों के पवित्र रिश्ते के साथसाथ पूरी मानवता को शर्मसार करने वाला है.

तीन बच्चों को दिया था जहर

अदालत के इस फैसले के बाद वर्ष 2022 की उस दर्दनाक घटना को एक बार फिर याद किया जा रहा है. तीन मासूमों की जिंदगी छीनने के मामले में दोषी मां को कानून के तहत सजा मिल गई है. इस मामले ने एक बार फिर समाज को झकझोर दिया है कि आखिर जिन बच्चों के लिए मां का आंचल सबसे महफूज माना जाता है, वे अपने ही घर में इस तरह की हिंसा का शिकार कैसे हो गए.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY