Train Emergency Chain Rules: अगर आप ट्रेन में सफर करते हैं, तो ये खबर आपके लिए है। वैसे तो आपने कई बार सुना होगा कि ट्रेन में एक इमरजेंसी चैन होती है, जिसे खींचने पर ट्रेन अचानक रुक जाती है। ऐसे में अगर आप ट्रेन में सफर कर रहें हैं और सफर के दौरान ट्रेन के डिब्बे में लटकती लाल रंग की ‘अलार्म चेन’ देखकर आपके मन में सवाल आता है कि क्या सच में इसे खींचने पर ट्रेन रुकती है। और आप उसे बिना वजह खींचकर देखना चाहते हैं तो ऐसा बिल्कुल न करें। क्योंकि इस एक गलती की वजह से जुर्माने के साथ साथ आपको जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।

बेवजह इमरजेंसी चैन खींचने से क्या होगा?
अगर आप बिना किसी इमरजेंसी के मस्ती में या ये जानने की चाह में कि ट्रेन रुकती है या नहीं। ट्रेन की उस आलर्म चैन को पुल करते हैं। तो यह कानूनन अपराध माना जाएगा। इससे न सिर्फ आपको जुर्मान देना होगा। बल्कि आपको के तहत जेल जाना पड़ सकता है।
क्या हैं कानून और क्या मिलेगी सजा?
भारतीय रेलवे अधिनियम की धारा 141 के अनुसार, बिना किसी उचित या वैध कारण के ट्रेन में इमरजेंसी अलार्म चेन खींचना एक दंडनीय अपराध है।
1. पहली बार अपराध करने पर कम से कम ₹500 का जुर्माना हो सकता है
2. अदालत द्वारा ₹1,000 तक का जुर्माना, या 1 साल तक की जेल, या कंडीशन के हिसाब से सजा और जुर्माना दोनों तरह की सजा दी जा सकती है
3. दूसरी बार या दोबारा दोषी पाए जाने पर कम से कम 3 महीने की जेल की सजा का प्रावधान है।
चेन खींचना कब सही?
आप केवल वास्तविक आपातकालीन स्थितियों में ही चेन खींच सकते हैं, जैसे
1. अगर ट्रेन में आग लग जाए तो ये अलार्म चैन खींचना बेहतर होता है।
2. किसी यात्री की अचानक गंभीर तबीयत खराब होने पर।
3. डकैती या किसी आपराधिक घटना होने पर।
4. किसी छोटे बच्चे, बुजुर्ग या दिव्यांग साथी के गलती से स्टेशन पर छूट जाने पर आप चैन खींच सकते हैं।
कैसे होती है चैन खींचने वाले की पहचान?
बेवजह ट्रेन में इमरजेंसी चेन खींचने वाले लोगों को आधुनिक तकनीकी सिस्टम और रेलवे सुरक्षा बल की त्वरित कार्रवाई के जरिए आसानी से पकड़ लिया जाता है।
1. आधुनिक ट्रेनों में हर डिब्बे के बाहर एक इमरजेंसी फ्लैशर लाइट लगी होती है। जिस कोच में चेन खींची जाती है, वहां की लाइट जल जाती है जिससे गार्ड और टीटीई तुरंत समझ जाते हैं कि किस डिब्बे में चेन खींची गई है।
2. चेन खींचने से ब्रेक पाइप का एयर प्रेशर अचानक कम हो जाता है, जिससे लोको पायलट के मीटर में प्रेशर गिरने की जानकारी मिल जाती है। पायलट तीन बार हॉर्न बजाकर गार्ड को सूचना देता है और ट्रेन रोकी जाती है।
3. ट्रेन रुकते ही ट्रेन गार्ड, टीटीई और रेलवे सुरक्षा बल या राजकीय रेलवे पुलिस के जवान तुरंत उस खास डिब्बे में पहुंचते हैं।
4. मौके पर मौजूद अन्य यात्रियों से पूछताछ करके चेन खींचने वाले व्यक्ति की पहचान की जाती है। यदि कोई व्यक्ति उतरने की कोशिश करता है या भागता है, तो उसे तुरंत पकड़ लिया जाता है।
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