उत्तर प्रदेश में दरोगा भर्ती परीक्षा को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट से राज्य सरकार को राहत मिली है. हाईकोर्ट ने वर्ष 2025 की दरोगा भर्ती की लिखित परीक्षा के फाइनल आंसरकी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है. इस फैसले के बाद भर्ती की आगे की चयन प्रक्रिया का रास्ता साफ होने की उम्मीद है. दरअसल, याचिकाकर्ता ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा जारी आंसरकी को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था.

राज्य सरकार की ओर से 4543 पदों पर सबइंस्पेक्टर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई थी. लिखित परीक्षा के बाद जारी फाइनल आंसरकी को लेकर आपत्ति जताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी. याचिका में आंसरकी को चुनौती दी गई थी और इस मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की गई थी.
हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
दरोगा भर्ती परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों के लिए फाइनल आंसरकी महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इसके आधार पर लिखित परीक्षा के परिणाम और आगे की चयन प्रक्रिया निर्धारित होती है. इसी आंसरकी को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था. मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने याचिका पर विचार किया. बीते सप्ताह सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. अब याचिका खारिज किए जाने के बाद भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्थिति आगे बढ़ने की संभावना है.
4543 पदों पर होनी है भर्ती
उत्तर प्रदेश में 4543 पदों पर प्रस्तावित दरोगा भर्ती को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की निगाहें चयन प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं. फाइनल आंसर की को चुनौती दिए जाने के कारण भर्ती की आगे की कार्रवाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी. अब याचिका खारिज होने से चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाने का रास्ता साफ माना जा रहा है. हालांकि, अभ्यर्थियों को भर्ती के अगले चरण, परिणाम जारी करने और चयन से जुड़ी समयसीमा के संबंध में आधिकारिक जानकारी का इंतजार रहेगा.