Solar Panel Installation Tips: आज के समय में इलेक्ट्रॉनिक समान का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। इसकी वजह से बिजली का बिल भी ज्यादा आता है। ऐसे में कई लोग बिजली के बिल को कम करने के लिए अपने छत में सोलर पैनल लगवा लेते हैं, जिससे की बिजली का बिल कम हो सके। लेकिन बिल के चक्कर में सोलर पैनल लगवाने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि हर घर में लगवाना ये सही नहीं होता है। ऐसे में अगर आप अपने घर में सोलर पैनल लगवाने की सोच रहें हैं, तो कुछ बातों का ध्यान जरुर रखें।

सोलर पैनल लगवाने से पहले रखें ध्यान
जिन घरों या स्थितियों में छत पर सोलर पैनल लगवाना महंगा या फायदे का सौदा नहीं साबित होता है, उसकी मुख्य वजह कुछ इस तरह हैं।
बिजली बिल देखें
यदि आपके घर का बिजली बिल कम जैसे ₹700 से ₹1000 के आसपास आता है, तो सोलर सिस्टम लगवाना फायदेमंद नहीं होगा, क्योंकि सोलर पैनल लगवाने में ही काफी ज्यादा खर्च आता है। ऐसे में बिजली का बिल देखने के बाद ही सोलर पैनल लगवाना है या नहीं, ये तय करें।
छत में धूप आती है या नहीं?
सोलर पैनल सिर्फ धूप में ही बिलजी बनाता है। यदि आपकी छत में पेड़ या आसपास की ऊंची इमारतों या अन्य कारणों से दिन के ज्यादातर समय छाया रहती है, तो सोलर पैनल लगवाना आपको महंगा पड़ सकता है, क्योंकि वो छाया होने की वजह से पर्याप्त बिजली नहीं बना पाएंगे।
सिर्फ धूप आती है यह बस नहीं देखना अगर आपकी छत काफी पुरानी है। उसमें पानी रिसने या सीलन की दिक्कत आती है, तो भी सोलर पैनल लगवाना उचित नहीं हैं, क्योंकि फिर मरम्मत करवाने में भी परेशानी होगी।
किराए के मकान
यदि आप किराए के मकान में रहते हैं या वहां आपका लंबे समय तक रहने का प्लान नहीं है, तो सोलर इंस्टॉलेशन महंगा पड़ेगा क्योंकि इसे शिफ्ट करना आसान नहीं होता।
बैटरी बैकअप का चुनाव
यदि आप सामान्य ऑनग्रिड सिस्टम की बजाय बैटरी वाला सिस्टम चुनते हैं, तो खर्च काफी बढ़ जाता है क्योंकि सरकार की तरफ से मिलने वाली सब्सिडी बैटरी पर लागू नहीं होती और उसकी सीमा फिक्स होती है।
नियमित सफाई न हो सकने वाले क्षेत्र
अत्यधिक धूलमिट्टी वाले इलाकों में यदि पैनल की नियमित सफाई नहीं की जाती है, तो उनकी कार्यक्षमता घट जाती है और लागत के मुकाबले पूरा फायदा नहीं मिलता।