PM Vishwakarma Yojana Benefits: केंद्र सरकार ने आम जनता की असुविधाओं को देखते हुए। उनकी सुविधा के लिए कई योजनाएं चलाई हैं। महिला, बच्चों, बुजुर्गों सभी वर्गों के लिए अलग अलग योजना का प्रावधान किया गया है। ऐसे ही सरकार ने पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक सहायता, कौशल प्रशिक्षण और सम्मान देने के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना चलाई है। इस योजना के तहत कई लाभ दिए जाते हैं। आइए जानते हैं इस योजना से क्याक्या लाभ मिलेंगे।

इस योजना से मिलेंगे लाभ
1. कारीगरों को पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड दिया जाता है।
2. लाभार्थियों को 5 से 7 दिन का बुनियादी और 15 दिन या उससे अधिक की एडवांस ट्रेनिंग दी जाती है।
3. इस योजना का उद्देश्य लाभार्थियों को अपने पारंपरिक काम में बेहतर बनाने और एडवांस स्किल सीखने में मदद करने से है।
3. कोर्स करने वाले लाभार्थियों को 500 रुपये प्रतिदिन मानदेय मिलेगा, साथ ही उन्हें आधुनिक उपकरण खरीदने के लिए 15,000 रुपये मिलेंगे।
4. व्यवसाय बढ़ाने के लिए कुल 3 लाख रुपये तक का ऋण बिना किसी गारंटी के दो चरणों में मिलता है। पहले चरण में 18 महीने के लिए 1 लाख रुपये वहीं दूसरे चरण में 30 महीने की अवधि के लिए 2 लाख रुपये दिए जाते हैं।
5. इस ऋण पर केवल 5% वार्षिक रियायती ब्याज दर लगती है, बाकी का ब्याज सरकार वहन करती है।
6. उत्पादों की ब्रांडिंग, गुणवत्ता प्रमाणन, पैकेजिंग और ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ने में मदद की जाती है ताकि बाजार मिल सके।
क्या है इस योजना का उद्देश्य?
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना गुणवत्ता में सुधार के साथसाथ विश्वकर्माओं यानी कारीगरों और शिल्पकारों के उत्पादों और सेवाओं की पहुंच में सुधार करना और यह सुनिश्चित करना है कि वे घरेलू और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के साथ एकीकृत हों। इस योजना में शुरुआत में इन व्यवसायों में लगे कारीगरों और शिल्पकारों को लाभ प्रदान करने के लिए 18 व्यवसायों को शामिल किया गया है।
कौन कौन ले सकते हैं इसका लाभ
PM Vishwakarma Yojana 2026 योजना में 18 परंपरागत व्यवसायों से जुड़े परिवारों जैसे
बढ़ई , नाव निर्माता, अस्त्र बनाने वाले, लोहार हथौड़ा और टूल किट निर्माता, ताला बनाने वाले, गोल्डस्मिथ , कुम्हार, मूर्तिकार , मोची /जूता कारीगर, मेसन , टोकरी/चटाई/झाड़ू निर्माता/जूट बुनकर, गुड़िया और खिलौना निर्माता , नाई, माला बनाने वाले, धोबी, दर्जी और मछली पकड़ने का जाल आदि बनाने वाले को शामिल किया गया हैं।
जानिए आवेदन की प्रक्रिया
1. अपने क्षेत्र के किसी भी जनसेवा केंद्र या कॉमन सर्विस सेंटर पर जाएं।
2. आधार कार्ड और आधार से लिंक मोबाइल नंबर साथ ले जाएं, ताकि बायोमेट्रिक ईकेवाईसी पूरी हो सके।
3. 18 पारंपरिक व्यवसायों में से अपने सही ट्रेड या शिल्प का चयन करें।
4. उसमें मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
5 सफल पंजीकरण के बाद पीएम विश्वकर्मा डिजिटल सर्टिफिकेट और आईडी कार्ड प्राप्त करें।