रविवार, 1 नवंबर 2026 ब्रेकिंग
‘मैं बनूंगी जल्लाद…’ साहिल-मुस्कान को फांसी देने के लिए सौरभ की मां भी तैयार, मकान का कराया शुद्धिकरण​ | Ulhas Kamthe Panic Attack: हॉरर फिल्म देखकर चिकन लेग पीस फेम उल्हास कामठे को आया पैनिक अटैक, ‘झाड़ फूंक’ फिल्म डायरेक्टर ने बताया पूरा मामला​ | EPFO: अब वॉट्सऐप पर मिलेंगी पीएफ सेवाएं, ₹1000 तक के पुराने खातों का होगा ऑटोमैटिक सेटलमेंट​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

Panchkula School Assault: 8 साल के बच्चे ने 6 साल की बच्ची को बेरहमी से पीटा, PGI में इलाज जारी; प्रिंसिपल समेत 3 पर FIR​

हरियाणा के पंचकुला के एक सरकारी स्कूल में 6 साल की मासूम बच्ची के साथ मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले 8 साल के बच्चे ने कथित तौर पर KG में पढ़ने वाली बच्ची को बहाने से खाली क्लासरूम में बुलाया और फिर उसके साथ बेरहमी से […]

हरियाणा के पंचकुला के एक सरकारी स्कूल में 6 साल की मासूम बच्ची के साथ मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले 8 साल के बच्चे ने कथित तौर पर KG में पढ़ने वाली बच्ची को बहाने से खाली क्लासरूम में बुलाया और फिर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। घटना 28 अक्टूबर 2026 की बताई जा रही है। CCTV फुटेज सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। गंभीर रूप से घायल बच्ची का चंडीगढ़ स्थित PGI में इलाज चल रहा है। पुलिस के मुताबिक, बच्ची फिलहाल खतरे से बाहर है। वहीं, बच्ची के पिता ने लोगों से उसकी जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करने की अपील की है।

CCTV में कैद हुई पूरी घटना, बेहोश होने के बाद भी मारपीट का आरोप

जानकारी के मुताबिक, 8 साल के बच्चे ने कथित तौर पर बच्ची को यह कहकर खाली क्लासरूम में बुलाया कि उसके पिता वहां इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद उसने बच्ची के साथ मारपीट शुरू कर दी। CCTV फुटेज में बच्ची को पीटने और उसके सिर को डेस्क से टकराने जैसी घटनाएं दिखाई देने की बात सामने आई है। आरोप है कि बच्ची के बेहोश होने के बाद भी उसके साथ मारपीट जारी रही। घटना के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बच्चे के व्यवहार के पीछे कोई व्यक्तिगत, पारिवारिक या अन्य परिस्थिति तो जिम्मेदार नहीं है। ऑनलाइन गेम और टीवी कंटेंट के संभावित प्रभाव की भी जांच की जा रही है, हालांकि अभी किसी कारण की पुष्टि नहीं हुई है।

पिता बोले बच्ची कमरे में बंद मिली, किसी को नहीं थी जानकारी

पीड़ित बच्ची के पिता राशिद ने बताया कि उनकी 6 साल की बेटी रमशा सेक्टर20 के सरकारी स्कूल में पढ़ती है। 28 अक्टूबर को स्कूल की छुट्टी के बाद जब बच्ची सामान्य पिकअप पॉइंट पर नहीं मिली, तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। पिता के मुताबिक, उन्हें स्कूल पहुंचने पर भी किसी कर्मचारी से बच्ची के बारे में जानकारी नहीं मिली। इसके बाद एक छोटे बच्चे ने बताया कि बच्ची ऊपर किसी क्लासरूम में है। जब वे वहां पहुंचे तो बच्ची कमरे के अंदर घायल अवस्था में मिली और कमरे पर ताला लगा हुआ था। ताला खुलवाकर बच्ची को बाहर निकाला गया। उसे पहले स्थानीय अस्पतालों में दिखाया गया, फिर गंभीर हालत को देखते हुए चंडीगढ़ PGI रेफर किया गया।

बच्ची के पिता ने बताया कि उनकी बेटी ICU में भर्ती है। उन्होंने कहा कि स्कूल से घर लौटने के दौरान हुई इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर दिया है। उन्होंने सभी अभिभावकों से बच्चों पर ध्यान देने की अपील की और लोगों से बच्ची के जल्द स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना करने को कहा।

प्रिंसिपल, क्लास इंचार्ज और चौकीदार के खिलाफ FIR

मामले की शुरुआती जांच में स्कूल प्रबंधन की लापरवाही सामने आने के बाद पंचकुला पुलिस ने प्रिंसिपल, क्लास इंचार्ज और चौकीदार समेत तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस ने जुवेनाइल जस्टिस एक्ट, 2015 की धारा 75 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 125 के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी बच्चा 8 साल का है, इसलिए उसके मामले में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के प्रावधानों के अनुसार विशेषज्ञों से मनोवैज्ञानिक आकलन कराया जा रहा है। बच्चे को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया है। उसकी मानसिक स्थिति और व्यवहार को समझने के लिए जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, 8 साल के बच्चे को वयस्क अपराधियों की तरह सजा नहीं दी जा सकती। ऐसे मामलों में दंडात्मक कार्रवाई के बजाय सुधार और काउंसलिंग पर जोर दिया जाता है।

एक शिक्षक संभाल रही थी 80 बच्चों की दो कक्षाएं

विभागीय जांच में स्कूल की व्यवस्था और बच्चों की निगरानी को लेकर भी गंभीर सवाल सामने आए हैं। जानकारी के मुताबिक, घटना वाले दिन एक ही शिक्षक करीब 80 बच्चों की दो कक्षाओं को संभाल रही थीं।

क्लास टीचर ने जांच समिति को बताया कि स्कूल की छुट्टी करीब 3:15 बजे हुई थी। इसके बाद उन्होंने बच्चों को लाइन में लगाकर कॉरिडोर से किचन की ओर भेजा। बाद में वह स्टाफ रूम चली गईं, जबकि बच्चों को उनके अभिभावकों के सुपुर्द करने की जिम्मेदारी एक स्कूल अटेंडेंट के पास थी।

करीब 3:30 बजे बच्ची को ले जाने वाले ऑटो चालक ने उसके पिता को बताया कि बच्ची पिकअप पॉइंट पर नहीं है। इसके बाद परिवार स्कूल पहुंचा और तलाश शुरू की। जांच में CCTV फुटेज, शिक्षक, स्टाफ, अभिभावकों और बच्चे के बयान शामिल किए गए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि स्कूल की लापरवाही के कारण बच्ची लंबे समय तक घायल अवस्था में कमरे में पड़ी रही।

सरकार ने बनाई जांच कमेटी, बाल अधिकार आयोग ने मांगी रिपोर्ट

घटना की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा सरकार ने उच्चस्तरीय जांच कमेटी बनाई है। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा है कि जांच में जिस किसी की भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी स्वतः संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने शिक्षकों की ड्यूटी, CCTV फुटेज, उपस्थिति रजिस्टर और स्कूल प्रबंधन की ओर से की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा है।

आयोग की अध्यक्ष तृप्ति हरिपाल श्योराण ने बच्ची के परिवार से मुलाकात कर उसकी सेहत की जानकारी ली। वहीं, हरियाणा मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा ने भी स्कूल का दौरा किया। उन्होंने कहा कि अगर किसी शिक्षक, प्रिंसिपल या दूसरे अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो सरकार से कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी। शिक्षा विभाग की जिला स्तरीय जांच कमेटी को दो दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस ने क्या कहा ?  

पंचकुला पुलिस की DCP अदिति सिंह ने बताया कि घायल बच्ची चंडीगढ़ के PGI में भर्ती है और फिलहाल खतरे से बाहर है। उन्होंने कहा कि इस मामले में 8 साल का एक नाबालिग छात्र शामिल है, जिसका जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत विशेषज्ञों से मनोवैज्ञानिक आकलन कराया जा रहा है।

शुरुआती जांच में स्कूल प्रबंधन की लापरवाही सामने आने के बाद प्रिंसिपल समेत तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। वहीं, DCP क्राइम अमरिंदर सिंह के मुताबिक, भारतीय कानून के तहत 8 साल के बच्चे को सजा नहीं दी जा सकती और न ही उसे जेल भेजा जा सकता है। ऐसे मामलों में बच्चे के सुधार और काउंसलिंग पर जोर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने आरोपी बच्चे को ऑब्जर्वेशन होम भेज दिया है। बच्चे की मानसिक स्थिति और व्यवहार के आकलन के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY