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क्या DigiLocker बन सकता है बैंक लॉकर का विकल्प? जानिए सच क्या है​

डिजिटल इंडिया अभियान के साथ देश में DigiLocker का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है. आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और शैक्षणिक प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज अब लोग डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने लगे हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या DigiLocker बैंक लॉकर का विकल्प बन सकता है? विशेषज्ञों का कहना है कि DigiLocker […]

डिजिटल इंडिया अभियान के साथ देश में DigiLocker का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है. आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और शैक्षणिक प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज अब लोग डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने लगे हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या DigiLocker बैंक लॉकर का विकल्प बन सकता है? विशेषज्ञों का कहना है कि DigiLocker और बैंक लॉकर दोनों की अपनी अलग भूमिका है और एक दूसरे की पूरी तरह जगह नहीं ले सकते.

DigiLocker में क्याक्या रखा जा सकता है?

DigiLocker भारत सरकार का एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां नागरिक अपने महत्वपूर्ण दस्तावेजों की डिजिटल कॉपी सुरक्षित रख सकते हैं. इस प्लेटफॉर्म पर आधार, पैन, वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों द्वारा जारी प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए जाते हैं. इन दस्तावेजों को कहीं से भी ऑनलाइन एक्सेस किया जा सकता है और कई सरकारी व निजी संस्थान इन्हें वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार करते हैं.

बैंक लॉकर की जरूरत क्यों बनी रहेगी?

विशेषज्ञों के अनुसार कुछ दस्तावेज ऐसे होते हैं जिनकी मूल प्रति सुरक्षित रखना बेहद जरूरी होता है. इनमें संपत्ति के कागजात, वसीयत, पावर ऑफ अटॉर्नी, ट्रस्ट डीड और अन्य कानूनी दस्तावेज शामिल हैं. कई मामलों में केवल स्कैन की गई कॉपी पर्याप्त नहीं होती और मूल दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है. ऐसे दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के लिए बैंक लॉकर अब भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

डिजिटल सुरक्षा के साथ सतर्कता भी जरूरी

DigiLocker में सुरक्षा के लिए एन्क्रिप्शन और टूफैक्टर ऑथेंटिकेशन जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है. इसके बावजूद साइबर अपराधियों द्वारा फिशिंग लिंक, फर्जी वेबसाइट और ईमेल धोखाधड़ी जैसे जोखिम बने रहते हैं. इसलिए यूजर्स को अपने लॉगिन विवरण और ओटीपी किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए.

क्या है विशेषज्ञों की सलाह?

वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि महत्वपूर्ण दस्तावेजों की मूल कॉपी बैंक लॉकर या किसी सुरक्षित स्थान पर रखनी चाहिए, जबकि उनकी डिजिटल कॉपी DigiLocker में सेव कर लेनी चाहिए. इससे दस्तावेजों की सुरक्षा भी बनी रहती है और जरूरत पड़ने पर उन्हें आसानी से एक्सेस भी किया जा सकता है. यानी DigiLocker सुविधा देता है, लेकिन बैंक लॉकर की आवश्यकता को पूरी तरह खत्म नहीं करता.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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