इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन दिग्गज Larsen & Toubro (L&T) ने चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी कर दिए हैं. कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 3% घटकर ₹5,326 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹5,497 करोड़ था. हालांकि, कंपनी ने निवेशकों को राहत देते हुए ₹38 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड देने का ऐलान किया है, जिसकी रिकॉर्ड डेट 22 मई तय की गई है.

कमाई में मजबूत ग्रोथ
मुनाफे में हल्की गिरावट के बावजूद कंपनी की कुल आय में अच्छा इजाफा हुआ है. मार्च 2026 तिमाही में L&T की कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹82,762 करोड़ रही, जो सालाना आधार पर 11% ज्यादा है. इसमें अंतरराष्ट्रीय कारोबार का बड़ा योगदान रहा, जो ₹43,747 करोड़ (कुल का 53%) रहा.
ऑपरेशनल प्रदर्शन स्थिर
कंपनी का EBITDA 5% बढ़कर ₹8,610 करोड़ पहुंच गया. इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स और सर्विस बिजनेस के बेहतर प्रदर्शन ने इस ग्रोथ को सपोर्ट किया. इससे साफ है कि कंपनी का ऑपरेशनल प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है.
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ऑर्डर इनफ्लो और ऑर्डर बुक रिकॉर्ड पर
इस तिमाही में कंपनी को ₹89,772 करोड़ के नए ऑर्डर मिले, जिनमें इन्फ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्ट, ट्रांसमिशन और हाइड्रोकार्बन सेक्टर शामिल हैं. इनमें से 67% ऑर्डर विदेशों से आए. मार्च 2026 तक कंपनी की कुल ऑर्डर बुक ₹7.4 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जो पिछले साल से 28% ज्यादा है. इसमें 52% हिस्सेदारी इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स की है.
अलग-अलग सेगमेंट में बढ़त
इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट ने ₹43,477 करोड़ के ऑर्डर हासिल किए, जो 26% की बढ़त है. आईटी और टेक्नोलॉजी सर्विसेज से ₹14,078 करोड़ (13% ग्रोथ) की आय हुई, जबकि फाइनेंशियल सर्विसेज ने ₹4,669 करोड़ (22% ग्रोथ) दर्ज की. हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस ने 45% की तेज बढ़त के साथ ₹4,861 करोड़ का रेवेन्यू दिया.
आगे की रणनीति और फोकस
कंपनी के चेयरमैन S N Subrahmanyan ने कहा कि पूरा साल मजबूत रहा और कंपनी को ₹4 लाख करोड़ से ज्यादा के ऑर्डर मिले. L&T अब अपने अगले पांच साल के प्लान Lakshya31 पर काम करेगी, जिसमें AI, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन एनर्जी और सेमीकंडक्टर जैसे सेक्टर पर खास फोकस रहेगा.





