EntertainmentViral

Krishnavataram Movie Review: आस्था और कला का सुंदर संगम, सिद्धार्थ गुप्ता ने जीता दिल

Krishnavataram Movie Review: पौराणिक कहानियों पर फिल्में बनाना और उन्हें स्क्रीन पर लाना हमेशा से मुश्किल रहा है, क्योंकि इसके साथ लाखों लोगों की आस्था जुड़ी होती है।

Krishnavataram Movie Review: आस्था और कला का सुंदर संगम, सिद्धार्थ गुप्ता ने जीता दिल
Krishnavataram Movie Review: आस्था और कला का सुंदर संगम, सिद्धार्थ गुप्ता ने जीता दिल

माइथोलॉजिकल फिल्मों को दर्शक सिर्फ देखते नहीं, बल्कि उन्हें महसूस करते हैं, उनसे जुड़ते हैं और कई बार अपनी श्रद्धा के नजरिए से उन्हें परखते भी हैं। ऐसे में ‘देवों के देव महादेव’ के डायरेक्टर हार्दिक गज्जर की फिल्म ‘कृष्णावतारम पार्ट 1: द हार्ट’ इस क्राइटेरिया पर खरी उतरती है।

7 मई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म में भगवान कृष्ण की कहानी देखने को मिलती है। हार्दिक ने इस फिल्म में भगवान कृष्ण की लीलाओं और उनकी जीवन यात्रा को फिल्म में समेटने का सफल प्रयास किया है। अगर आप माइथोलॉजिकल फिल्में देखना पसंद करते हैं और यह फिल्म देखने का प्लान कर रहे हैं, तो उससे पहले इस रिव्यू को पढ़ सकते हैं।

क्या है फिल्म ‘कृष्णावतारम’ की कहानी?

‘कृष्णावतारम’ की कहानी शुरू होती है भालका तीर्थ से… ये वो स्थान है जहां श्रीकृष्ण ने अपने प्राण त्यागे थे। इसके बाद कहानी जगन्नाथ पुरी मंदिर में आती है, जहां माना जाता है कि आज भी श्रीकृष्ण की मूर्ति में उनका दिल धड़कता है। स्वामी जी (जैकी श्रॉफ) जब यह कथा सुनाते हैं, तो आज के दौर का एक लड़का इस पर सवाल उठाता है और वह विज्ञान का हवाला देता है।

इसके बाद स्वामी जी उसे पूरी कथा सुनाते हैं और फिर वहां से कहानी द्वापर युग में जाती है, जहां दिखाया गया कि श्रीकृष्ण (सिद्धार्थ गुप्ता) ने गोकुल से निकलकर वृंदावन बसाया, द्वारकाधीश बने, बरसाना में राधा (सुष्मिता भट्ट) से प्रेम किया, रुक्मिणी (निवाशिनी कृष्णन) और सत्यभामा (संस्कृति जयना) से विवाह किया और फिर अधर्म के खिलाफ महाभारत की शुरुआत हुई।

फिल्म की कहानी सिर्फ घटनाओं को नहीं दिखाती, बल्कि कृष्ण के डायलॉग जिंदगी की फिलॉसफी को समझाते हैं। एक राजा के तौर पर उनकी जिम्मेदारियां, एक दोस्त के तौर पर उनका गाइडेंस और एक प्रेमी के तौर पर उनका दर्द… इन सभी को हार्दिक गज्जर ने बहुत ही खूबसूरती से निभाया है।

कैसा है सितारों का अभिनय

‘कृष्णावतारम’ में कृष्ण के रोल में सिद्धार्थ गुप्ता ने शानदार अभिनय किया है। उनके हाव-भाव दर्शकों को लुभा सकते हैं। वहीं, राधा के किरदार में सुष्मिता भट्ट काफी जंच रही हैं। उनकी खूबसूरती और इमोशनल परफॉर्मेंस ने रोल को और बेहतर बना दिया है। गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल की पोती संस्कृति जयना ने ‘सत्यभामा’ के किरदार में अच्छा काम किया है। रुक्मिणी के रोल में निवाशिनी का अभिनय भी अच्छा है।

Khabar Monkey

वीएफएक्स और म्यूजिक

म्यूजिक इस फिल्म की जान है। राधा से मिलने और बिछड़ने के गीत, सत्यभामा का खुशी से गरबा करना जैसे कई जगहों पर बैकग्राउंड स्कोर पूरा साथ देता है। वहीं, वीएफएक्स की बात करें, तो बहुत सारे सीन में शानदार वीएफएक्स का इस्तेमाल किया गया है।

कहां रह गई कमी?

फिल्म की स्पीड कुछ जगहों पर स्लो हो जाती है और कुछ अहम हिस्सों को जल्दी-जल्दी समेट दिया गया। लेकिन कुल मिलाकर यह अनुभव को कमजोर नहीं करता। बता दें कि ये एक तीन फिल्मों की सीरीज है, जिसका पहला पार्ट ‘कृष्णावतारम- द हार्ट’ है।

Leave a Reply