गुरुवार, 20 अगस्त 2026 ब्रेकिंग
राम मंदिर का निर्माण 30 सितंबर तक हो जाएगा पूरा, 2027 में म्यूजियम भी तैयार, बोले नृपेंद्र मिश्रा​ | UP IPS Transfer: उत्तर प्रदेश में 9 IPS अधिकारियों के ट्रांसफर, 7 जिलों के एसपी बदले, जानें किसे कहां भेजा, देखें पूरी लिस्ट​ | UP में 9 IPS का ट्रांसफर, संभल SP केके बिश्नोई बने बिजनौर के नए कप्तान; देखें लिस्ट​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

GST कंसलटेंट से 29 लाख की वसूली केस में नपे पुलिस अधिकारी, ग्रेटर नोएडा में थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज लाइन हाजिर​

Greater Noida GST Consultant Extortion Case: ग्रेटर नोएडा में जीएसटी कंसलटेंट से 29 लाख रुपये की कतिथ अवैध वसूली के मामले में पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बड़ी कार्रवाई की है. मामले की जांच में पुलिस की लापरवाही सामने आने के बाद बिसरख थाना प्रभारी मुनेंद्र सिंह और राइज चौकी प्रभारी राहुल सिंह को लाइन […]

Greater Noida GST Consultant Extortion Case: ग्रेटर नोएडा में जीएसटी कंसलटेंट से 29 लाख रुपये की कतिथ अवैध वसूली के मामले में पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बड़ी कार्रवाई की है. मामले की जांच में पुलिस की लापरवाही सामने आने के बाद बिसरख थाना प्रभारी मुनेंद्र सिंह और राइज चौकी प्रभारी राहुल सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है. आरोप है कि पांच लोगों ने मिलकर जीएसटी कंसलटेंट को फर्जी जीएसटी अधिकारी और पुलिसकर्मी बनकर डराया धमकाया.

यही नहीं एनकाउंटर का डर दिखाकर उनसे लाखों रुपये की रकम वसूली गई. जब यह खबर मीडिया में चली तो फिर इस मामले का संज्ञान लिया गया. तब जाकर 19 दिन बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज. किया इस मामले में पुलिस ने जांच करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया और उनसे लूटी गई रकम भी पुलिस ने बरामद कर ली है.

50 लाख की रकम मांगी 29 लाख में हुआ सौदा

जीएसटी कंसलटेंट से शुरुआत में 50 लाख रुपये की रकम मांगी गई थी. लगातार दबाव और धमकियों के बीच मामला 29 लाख रुपये में तय हुआ, जिसके बाद कंसलटेंट ने अपने भाई से 29 लाख रुपये मंगवाए और आरोपियों को दे दिए. इसके बाद आरोपियों ने उन्हें छोड़ दिया. घर आने के बाद जब पीड़ित संदीप ने पुलिस को इस मामले की सूचना दी तो पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की.

मामला पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय नोएडा के एडिशनल डीसीपी स्वतंत्र सिंह को सौंपी. जांच में सामने आया की शिकायत के बावजूद मामले में चौकी स्तर से लेकर थाना प्रभारी स्तर तक अपेक्षित गंभीरता नहीं बरती गई.

क्यों हुई थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी पर कार्रवाई?

जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बिसरख थाना प्रभारी मुनेंद्र सिंह और राइज चौकी प्रभारी राहुल सिंह को इसलिए लाइन हाजिर किया कि उन्होंने इस मामले को 19 दिन तक अधिकारियों से छुपाए रखा. मीडिया में खबर चलने के बाद पुलिस महकमे में इस बात को लेकर हड़कंप मचा हुआ था, जिसका संज्ञान नोएडा की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने लिया.

उन्होंने तत्काल प्रभाव से लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया है. अब इस मामले में सभी गिरफ्तार किया गए आरोपियों की भूमिका और पुलिस से उनके किसी भी संभावित संबंध को लेकर भी जांच की जा रही है.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY