भारत में हाल ही में E20 को लेकर काफी चर्चा हो रही है. सरकार पेट्रोल में एथेनॉल की हिस्सेदारी बढ़ाकर कच्चे तेल के आयात को कम करने और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है. इसी बीच भारत के पड़ोसी देश इंडोनेशिया ने भी बायोफ्यूल के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. इंडोनेशिया ने अब डीजल में 50% पाम ऑयल आधारित बायोडीजल मिलाना अनिवार्य कर दिया है. यह फैसला बताता है कि दुनिया के कई देश पेट्रोलियम ईंधन पर निर्भरता घटाने और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन अपनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, नए नियम के तहत देश की तेल कंपनियों को अब पहले से बेहतर गुणवत्ता वाला पामआधारित बायोडीजल तैयार करना होगा. इसके लिए ईंधन में पानी की मात्रा को कम रखना और उसकी गुणवत्ता को लंबे समय तक बनाए रखना जरूरी होगा. हालांकि, नए नियम के लागू होने के बावजूद शुरुआत में कुछ दिक्कतें सामने आ रही हैं. ऊर्जा मंत्रालय ने अभी तक बायोडीजल की नई आपूर्ति और वितरण का अंतिम कोटा तय नहीं किया है, जिससे बाजार में थोड़ी अनिश्चितता बनी हुई है.

B40 स्टॉक को खत्म करने की अनुमति

सरकार ने ईंधन की सप्लाई प्रभावित न हो, इसके लिए फिलहाल पुराने B40 स्टॉक को खत्म करने की अनुमति दी है. इंडोनेशियन बायोफ्यूल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन का कहना है कि जब तक नई व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं होती, तब तक पुराने नियमों के तहत ही ईंधन की आपूर्ति जारी रहेगी.

B40 बायोडीजल की खपत

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल जनवरी से अप्रैल के बीच देश में 4.61 मिलियन किलोलीटर B40 बायोडीजल की आपूर्ति की गई. पूरे साल के लिए पहले 15.64 मिलियन किलोलीटर का लक्ष्य रखा गया था. अब विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर पूरे साल B50 लागू रहता है, तो बायोडीजल की कुल मांग बढ़कर 20.1 मिलियन किलोलीटर तक पहुंच सकती है. हालांकि इस साल पहले छह महीने B40 और बाकी छह महीने B50 लागू रहने के कारण कुल मांग 17.6 मिलियन किलोलीटर रहने का अनुमान है.

बढ़ गई थी कच्चे तेल की कीमत

सरकार ने B50 कार्यक्रम को ऐसे समय लागू किया है, जब मध्य पूर्व में बढ़े तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई थीं. उस समय सरकार का अनुमान था कि B50 लागू होने से देश को 157.28 ट्रिलियन इंडोनेशियाई रुपिया की ईंधन आयात लागत बचाने में मदद मिलेगी. इसी वजह से सरकार ने 2026 के लिए बायोडीजल सब्सिडी बजट को 47 ट्रिलियन रुपिया से घटाकर 32 ट्रिलियन रुपिया कर दिया था.

हालांकि अब बाजार की स्थिति बदल चुकी है. अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी शांति समझौते के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत करीब 21% गिरकर लगभग 73 डॉलर प्रति बैरल रह गई है. दूसरी ओर, घरेलू मांग बढ़ने की उम्मीद में पाम ऑयल की कीमत 1,100 डॉलर प्रति टन से ऊपर पहुंच गई है.

फिर भी इंडोनेशिया का यह कदम दुनिया में स्वच्छ ईंधन और बायोडीजल के बढ़ते इस्तेमाल की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है. अगर यह योजना सफल रहती है, तो इससे देश की तेल आयात पर निर्भरता कम होगी, किसानों को फायदा मिलेगा और पर्यावरण को भी लाभ पहुंच सकता है.