Driving Licence New Rules: अगर आप ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने या ड्राइविंग लाइसेंस को अपडेट करने के बारें में सोच रहें है। तो ये खबर आपके लिए है। सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने को लेकर नए बदलाव किए है। इसके तहत अब ड्राइविंग लाइसेंस में सिर्फ नाम और एड्रेस बस नही होगा। बल्कि उसमें अब नागरिकता की भी जानकारी दर्ज की जाएगी। आइए विस्तार से जानें क्या क्या हुएं हैं बदलाव..

Driving Licence New Rules: क्यों किया गया बदलाव?
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों और विदेशी नागरिकों के ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अलगअलग कलरकोड शुरू करने का एक नया ड्राफ्ट प्रस्ताव पेश किया है। इस बदलाव के तहत DL धारक की राष्ट्रीयता को साफ तौर पर लाइसेंस पर दर्शाया जाएगा।
Driving Licence New Rules: कलरकोडेड ड्राइविंग लाइसेंस क्यों लाया जा रहा?
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े नियमों में कई बदलावों का ड्राफ्ट जारी किया है। इससे फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल पर रोक लगाना आसान हो जाएगा, लाइसेंस बनाने का प्रोसेस भी सरल हो जाएगी। आइए डिटेल में जानें क्या होंगे फायदे..
1. सुरक्षा और राष्ट्रीयता की होगी स्पष्ट पहचान
इस कदम का सबसे बड़ा उद्देश्य भारतीय और विदेशी नागरिकों के ड्राइविंग लाइसेंस में साफ अंतर करना है। कलरकोडिंग की मदद से सुरक्षा एजेंसियां और ट्रैफिक पुलिस तुरंत पहचान सकेंगी कि वाहन चलाने वाला व्यक्ति भारतीय नागरिक है या विदेशी।
2. फर्जीवाड़े और गलत इस्तेमाल पर लगेगी रोक
पहले आयु और पते के प्रमाण के रूप में एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट या नोटरी के सामने लिए गए एफिडेविट का उपयोग किया जाता था, जिसके दुरुपयोग या फर्जीवाड़े की संभावना बनी रहती थी।
नए नियमों के तहत इन एफिडेविट्स और लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियों को पते व उम्र के सबूत के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार इसके बजाय उम्र के सबूत के लिए पासपोर्ट, जन्म प्रमाणपत्र और स्कूल बोर्ड की मार्कशीट जैसे दस्तावेज प्रस्तावित सूची में शामिल किया है। वहीं, पते के प्रमाण के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी, ईराशन कार्ड और पिछले तीन महीने के बिजली या गैस बिल जैसे दस्तावेज जरुरी होंगे।
Driving Licence New Rules: क्या है उद्देश्य?
इस ड्राफ्ट प्रस्ताव के जरिए सरकार पूरे देश में ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े नियमों में बड़े और ऐतिहासिक बदलाव करने जा रही है। सारथी पोर्टल के माध्यम से पते में बदलाव से लेकर अन्य जरूरी जानकारियों को अपडेट करने की पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल, पारदर्शी और आसान बनाया जा रहा है।
Driving Licence New Rules: Learner’s Licence में क्या होगा बदलाव?
लर्नर लाइसेंस बनवाने के नियमों में भी हुआ बदलाव…
1. लर्नर लाइसेंस के लिए होने वाले ऑनलाइन सेफड्राइविंग ट्यूटोरियल असेसमेंट का पासिंग प्रतिशत 60% से बढ़ाकर 75% करने का प्रस्ताव है। यानी अब टेस्ट पास करना पहले से ज्यादा कठिन होगा।
2. ड्राफ्ट के अनुसार, आवेदकों के लिए ऑनलाइन सुरक्षितड्राइविंग ट्यूटोरियल को कम से कम 30 मिनट तक देखना और पूरा करना अनिवार्य होगा।
3. आधार ऑथेंटिकेशन के जरिए ली जाने वाली कुछ ऑनलाइन लाइसेंस सेवाओं के लिए लगने वाली फीस को समाप्त या माफ करने का भी प्रस्ताव है।
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