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Diwali Puja में मां लक्ष्मी को क्यों चढ़ाते हैं खील-बताशे, जानिए इसके पीछे का धार्मिक महत्व​

दिवाली रोशनी, उत्साह और खुशियों का त्योहार है। इस दौरान दीयों की रोशनी में और मिठाइयों की स्वाद एक अलग ही मजा होता है। दीपावली का पर्व मां लक्ष्मी के स्वागत और सुखसमृद्धि की कामना का त्योहार है। हर कोई इस दिन घरों में विधिविधान से माता लक्ष्मी जी की पूजा भगवान गणेश के साथ […]

दिवाली रोशनी, उत्साह और खुशियों का त्योहार है। इस दौरान दीयों की रोशनी में और मिठाइयों की स्वाद एक अलग ही मजा होता है। दीपावली का पर्व मां लक्ष्मी के स्वागत और सुखसमृद्धि की कामना का त्योहार है।

हर कोई इस दिन घरों में विधिविधान से माता लक्ष्मी जी की पूजा भगवान गणेश के साथ करते हैं और उन्हें प्रसन्न करने के लिए अलगअलग तरह के भोग बनाते हैं।

वहीं, पूजा की थाली में दीपक, फूल, मिठाई और फूल के साथ खीलबताशे भी विशेष रुप से सजाए जाते हैं और मां लक्ष्मी को खील बताशों का भोग लगाएं।

काफी समय से दिवाली पर खीलबताशे खरीदने और उन्हें पूजा में चढ़ाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर माता लक्ष्मी की पूजा में खीलबताशे ही क्यों चढ़ाए जाते हैं? आइए आपको इससे संबंधिक मान्यताओं के बारे में बताते हैं।

खीरबताशे क्या होते हैं?

असल में खील और बताशे एक पारंपरिक मिठाई है, जो कि सदियों से दिवाली के पर्व का मुख्य हिस्सा बन जाता है। इसमें मुख्य रुप से दो चीजें होती है खीर यानी कि धान का लावा और बताशे यानी चीनी से तैयार की जाने वाले एक पारंपरिक मिठाई है।

खील तैयार करने के लिए कच्चे चावल को रेत या नमक में भून जाता है, जिससे ये फूल जाते हैं और खील बन जाते हैं।

बताशे बनाने के लिए चीनी को पानी में तब तक उबाला जाता है, जब तक कि वह गाढ़ी न हो जाए, फिर इसको सिक्के के आकार में ढाला जाता है।

माता लक्ष्मी को क्यों चढ़ता है खीलबताशे का भोग

दिवाली की पूजा में मुख्य रुप से माता लक्ष्मी को खीलबताशे का भोग अर्पित किया जाता है। खील को पवित्रता और नई फसल से संबंधित है। असल में धान की नई फसल तैयार होती है, इसलिए नई फसल को सम्मान देने के लिए मां लक्ष्मी को आभार व्यक्त किया जाता है।

वहीं, सफेद बताशे पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसके साथ ही यह शुक्र ग्रह का प्रतीक माना जाता है। जो कि शीतलता और संतुलन बनाए रखने वाले ऊर्जा को भी दिखाते हैं।

माता लक्ष्मी को खीलबताशे चढ़ाने का महत्व

दिवाली पूजा के दौरान खील बताशा मां लक्ष्मी को अर्पित करना शुभ होता है। खील को पवित्रता से संबंधित माना जाता है। वहीं, बताशे मिठास और शुभता को दर्शता है। माना जाता है कि इनका भोग अर्पित करने से देवीदेवता भी प्रसन्न होते हैं। धन, समृद्धि तथा सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। खील यानी धान का मुख्य रुप से चावल का ही एक रुप है। वैसे यह उत्तर भारत में खाया जाने वाले एक मुख्य अनाज है।

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संपादकीय टीम

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