बच्चों को मेला, नुमाइश जैसी जगहों पर अक्सर पेरेंट्स ट्रैम्पोलिन पर खेलने देते हैं, लेकिन ये बहुत खतरनाक हो सकता है. इसपर कूदने के दौरान बैलेंस बिगड़ सकता है, जिससे गंभीर चोट लग सकती है. अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स का भी कहना है कि इससे बच्चे को रीढ़ की हड्डी में चोट लग सकती है. खासकर जब एक साथ बहुत सारे बच्चे उसपर जंप कर रहे हो.

मैग्नेटिक बॉल्स भी बच्चों को खेलने के लिए बिल्कुल नहीं देनी चाहिए. मार्केट में ये गोल या ओवल शेप में एक साथ जोड़े में आती है. अगर गलती से बच्चा इसे निगल ले तो ये नॉर्मल प्लास्टिक बॉल को निगलने के मुकाबले कहीं ज्यादा खतरनाक है, क्योंकि इसमें हाई पावर मैग्नेटिक फोर्स होता है, इससे अगर से साथ में शरीर में चली जाएं तो शरीर के अलगअलग हिस्से में होने के बावजूद ये आपस में में चिपकने के लिए खिंचाव पैदा करती हैं.
बैटरी से चलने वाले खिलौनों से भी बच्चों को दूर रखना चाहिए या फिर हमेशा अपनी निगरानी में ही रखें. खासकर अगर बटन सेल हो या फिर छोटी बैटरी पड़ी हो. इसे बच्चे निगल लें तो ये मुंह की लार या शरीर के नम ऊतकों के संपर्क में आकर विद्युत रासायनिक प्रक्रिया शुरू कर सकती हैं, जिससे ये काफी खतरनाक स्थिति बन सकती है.
तेज आवाज वाले खिलौनों से भी बच्चों को दूर रखना चाहिए. इससे उनकी सुनने की क्षमता कमजोर हो सकती है. बहुत ज्यादा शोर वाली चीजों के संपर्क में रहने पर बच्चे के बोलने, बातचीत जैसी चीजें सीखने के विकास पर भी असर पड़ सकता है और तेज आवाज लगातार सुनते रहने से बच्चों में डर और चिड़चिड़ापन भी हो सकता है और एकाग्रता में कमी आ सकती है.
गुब्बारे तो अक्सर बच्चों को खेलने के लिए दिए ही जाते हैं, लेकिन हम सभी इस बात का शायद ही ध्यान देते हो कि इससे उन्हें कितना नुकसान हो सकता है. खासकर फटे हुए बिना फुलाए गुब्बारे निगल लें तो गले या पेट के अंदर चिपकने का खतरा रहता है. अचानक गुब्बारा फटने से बच्चे को नुकसान पहुंच सकता है. इसमें भरी हुई गैस और रबर से लेकर कलर केमिकल तक बच्चे को नुकसान पहुंचाते हैं.