बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 ब्रेकिंग
कुछ हफ्ते और, भारत-US ट्रेड डील पर लग जाएगी मुहर… रुबियो के बाद अब ट्रंप बोले- ये अलग तरह का समझौता होगा​ | CNG कार में सामान रखने की टेंशन खत्म, ज्यादा बूट स्पेस के साथ आती हैं 4 गाड़ियां​ | देवरिया में झोपड़ी में लगी भीषण आग…अंदर सो रहा था परिवार, पिता-बेटी सहित 3 की जिंदा जलकर मौत​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Business

Crude Oil Price: कच्चा तेल 110 डॉलर के पार, गोल्डमैन सैक्स ने बताया 2027 तक कहां पहुंचेगा भाव​

Crude Oil Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम एक बार फिर आम लोगों से लेकर बड़ी कंपनियों तक की टेंशन बढ़ा रहे हैं. आज 21 अक्टूबर की सुबह शुरुआती कारोबार में तेल की कीमतों में गिरावट थी, लेकिन बाद में अचानक तेजी आ गई. सुबह 7 :50 बजे ब्रेंट क्रूड 110.37 डॉलर प्रति […]

Crude Oil Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम एक बार फिर आम लोगों से लेकर बड़ी कंपनियों तक की टेंशन बढ़ा रहे हैं. आज 21 अक्टूबर की सुबह शुरुआती कारोबार में तेल की कीमतों में गिरावट थी, लेकिन बाद में अचानक तेजी आ गई. सुबह 7 :50 बजे ब्रेंट क्रूड 110.37 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. वहीं अमेरिकी कच्चे तेल डब्ल्यूटीआई की कीमत 99.17 डॉलर प्रति बैरल रही. तेल के दाम में आई ये तेजी दो बड़ी वजहों से है. एक तरफ खाड़ी देशों में हमलों की खबरें आ रही हैं, तो दूसरी तरफ रूसी तेल की सप्लाई पर अमेरिका का फैसला अटका हुआ है. वही गोल्डमैन सैक्स रिसर्च का कहना है कि अगले एक साल में कच्चे तेल के दाम धीरेधीरे गिर सकते हैं, क्योंकि मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई में सुधार होने की उम्मीद है.

कच्चे तेल के दाम में उतारचढ़ाव

तेल की कीमतों को प्रभावित करने वाला एक बड़ा मुद्दा रूस से जुड़ा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते शुक्रवार रात एक आदेश जारी किया था, जिसमें रूस से जुड़े कुछ प्रतिबंधों समेत शुल्कों में राहत देने की बात थी. इसमें रूसी सामान पर लगने वाले टैक्स के अलावा रूसी तेलगैस खरीदने वाले देशों पर लगने वाले जुर्माने में राहत जैसे कदम शामिल थे. हालांकि ट्रंप ने अगले ही दिन यानी शनिवार को साफ किया कि इस मामले में अभी आखिरी फैसला नहीं हुआ है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा कि हालात को समझने के लिए अभी वक्त चाहिए. अब बाजार ये समझना चाहता है कि रूसी तेल की सप्लाई पर आगे क्या असर पड़ेगा. अगर रूसी तेल आसानी से मिलता है, तो कीमतों को राहत मिलेगी. वहीं उलझन बनी रहने पर बाजार में उतारचढ़ाव जारी रहेगा.

सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर हमला

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने भी तेल बाजार की चिंता बढ़ाई है. मनीकंट्रोल की एक खबर के मुताबिक, यमन के हूती समूह ने सोमवार को सऊदी अरब के ऊर्जा केंद्रों, हवाई अड्डों समेत सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया. इन ठिकानों में यानबू में अरामको का एक केंद्र, शायबाह ऑयलफील्ड के अलावा रियाद का किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शामिल हैं. हालांकि सऊदी अधिकारियों ने इन दावों की तुरंत पुष्टि नहीं की. स्वतंत्र रूप से भी इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है. इसी बीच यमन के शाबवा प्रांत में सुरक्षा बलों के एक ट्रेनिंग कैंप पर हमले में 58 लोगों की मौत हो गई, जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. इन घटनाओं से इलाके में तेल की सप्लाई रुकने का डर बढ़ा है, जिससे कच्चे तेल का दाम बढ़ रहा है.

2027 में कितना सस्ता होगा क्रूड ऑयल

इस संकट के बीच हाल ही में गोल्डमैन सैक्स रिसर्च ने आगे का अनुमान जारी किया है. रिपोर्ट के मुताबिक अगले एक साल में कच्चे तेल के दाम धीरेधीरे गिर सकते हैं, क्योंकि मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई में सुधार होने की उम्मीद है. गोल्डमैन सैक्स के ग्लोबल कमोडिटी रिसर्च के कोहेड के अलावा ऑयल रिसर्च प्रमुख डान स्ट्रूयवेन के मुताबिक दिसंबर 2026 में ब्रेंट क्रूड करीब 90 डॉलर प्रति बैरल रह सकता है. पहले बैंक ने इसके 85 डॉलर रहने का अनुमान लगाया था. वहीं साल 2027 के लिए ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान है. सप्लाई सुधरने से कीमतों में नरमी आ सकती है. लेकिन अगर अमेरिका, इजरायल या ईरान के बीच तनाव दोबारा बढ़ता है, तो तेल लंबे समय तक महंगा रह सकता है, जिससे दुनियाभर के बाजारों पर दबाव पड़ेगा. आने वाले महीनों में तेल की चाल मिडिल ईस्ट के हालात सामान्य होने पर ही निर्भर करेगी.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY