Deoria Fire Accident: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के नोनापार गांव में एक झोपड़ी में भीषण आग लग गई. इस हादसे में पिता, उसकी तीन साल की बेटी और एक अन्य व्यक्ति की जलकर मौत हो गई. वहीं, जितेंद्र की पत्नी लीला गंभीर रूप से झुलस गई. उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है. हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

देवरिया जिले के भटनी थाना क्षेत्र के नोनापार गांव में बीती रात एक झोपड़ी में पूरा परिवार सो रहा था. परिवार के चार सदस्य झोपड़ी के अंदर मौजूद थे. इसी दौरान अचानक झोपड़ी में आग लग गई. रात का समय होने के कारण लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला और आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया.
झोपड़ी में आग लगने की सूचना रात करीब डेढ़ बजे पुलिस को मिली. इसके बाद थाना पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. टीम ने आग बुझाने की कोशिश की और उस पर काबू पाया. इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई.
पिता, बेटी और एक अन्य व्यक्ति की मौत
इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान जितेंद्र , बालकिशन और जितेंद्र की तीन साल की बेटी शनि के रूप में हुई है. आग की चपेट में आने से तीनों गंभीर रूप से झुलस गए थे. हादसे के बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र , भटनी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया.
एक ही झोपड़ी में तीन लोगों की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है. हादसे से गांव के लोग भी सदमे में हैं. हालांकि, झोपड़ी में आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आग किन परिस्थितियों में लगी और हादसे के पीछे क्या कारण था.
गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर हुई लीला
हादसे में जितेंद्र की पत्नी लीला भी गंभीर रूप से झुलस गई. उसकी हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया. फिलहाल उसका इलाज देवरिया स्थित महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में चल रहा है. इस हादसे में परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई, जबकि लीला अस्पताल में है. झोपड़ी में आग लगने के दौरान अंदर मौजूद लोगों को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन तीन लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी.
पुलिस कर रही मामले की जांच
भाटपार रानी के सीओ मनोज कुमार ने बताया कि बीती रात करीब डेढ़ बजे नोनापार गांव में झोपड़ी में आग लगने की सूचना मिली थी. सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया. इसके बाद घायलों को सीएचसी भटनी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जितेंद्र, बालकिशन और तीन साल की शनि को मृत घोषित कर दिया.
सीओ के मुताबिक, गंभीर रूप से झुलसी लीला को इलाज के लिए रेफर किया गया है. मामले में जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है. पुलिस आग लगने के कारणों का पता लगाने में जुटी है.