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CA ने बताया बच्चे के लिए बचत का सही तरीका, अपना लिया ये Method तो बन जाएगा उनका भविष्य सुरक्षित और मजबूत

बच्चे का जन्म हर परिवार के लिए बेहद खास और खुशियों से भरा पल होता है. यह सिर्फ एक नई जिंदगी की शुरुआत नहीं, बल्कि माता-पिता के जीवन में नई जिम्मेदारियों का आगमन भी होता है. जहां एक ओर घर में किलकारियां गूंजती हैं, वहीं दूसरी ओर खर्चों का एक लंबा सिलसिला भी शुरू हो जाता है. अस्पताल में डिलीवरी से लेकर बच्चे की परवरिश, शिक्षा और जीवनशैली तक हर कदम पर आर्थिक जिम्मेदारी बढ़ती जाती है. ऐसे में अगर पहले से सही वित्तीय योजना बनाई जाए, तो इस सफर को काफी हद तक आसान बनाया जा सकता है.

CA ने बताया बच्चे के लिए बचत का सही तरीका, अपना लिया ये Method तो बन जाएगा उनका भविष्य सुरक्षित और मजबूत
CA ने बताया बच्चे के लिए बचत का सही तरीका, अपना लिया ये Method तो बन जाएगा उनका भविष्य सुरक्षित और मजबूत

इसी विषय पर चार्टर्ड अकाउंटेंट पारस गंगवाल ने एक पोस्ट साझा की है, जिसमें उन्होंने विस्तार से बताया है कि बच्चे की योजना बनाना दरअसल वित्तीय योजना बनाने जैसा ही है. उनका मानना है कि जब भी कोई दंपत्ति बच्चे के बारे में सोचता है, तो उसे सिर्फ भावनात्मक पहलू ही नहीं, बल्कि आर्थिक पक्ष को भी उतनी ही गंभीरता से लेना चाहिए.

कैसे करें फाइनेंशियल प्लानिंग

पारस के अनुसार, गर्भावस्था से लेकर डिलीवरी और बच्चे के पहले साल तक के खर्च को देखें तो औसतन लगभग 2 लाख रुपये तक का खर्च आ सकता है. अगर बात बड़े शहरों यानी टियर-1 सिटीज की करें, तो यही खर्च बढ़कर 3 से 4 लाख रुपये तक पहुंच सकता है. इसमें अस्पताल का खर्च, दवाइयां, डॉक्टर की फीस, और बच्चे की शुरुआती जरूरतें शामिल होती हैं, लेकिन असली चुनौती तो इसके बाद शुरू होती है. जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, उसकी जरूरतें भी बढ़ती जाती हैं. पारस बताते हैं कि बच्चे की उम्र 18 साल होने तक उसकी पढ़ाई, हेल्थकेयर और लाइफस्टाइल पर हर महीने औसतन 18,000 रुपये तक खर्च हो सकता है. इसमें स्कूल फीस, ट्यूशन, कपड़े, मेडिकल खर्च और अन्य दैनिक जरूरतें शामिल हैं.

अगर आगे की योजना देखें, तो उच्च शिक्षा और शादी जैसे बड़े खर्चों को जोड़ने पर यह राशि आज के समय में लगभग 50 लाख रुपये तक पहुंच सकती है. लेकिन अगर महंगाई को ध्यान में रखते हुए अगले 18 सालों के हिसाब से इस रकम को जोड़ा जाए, तो यह खर्च करीब 1.1 करोड़ रुपये तक हो सकता है. इतनी बड़ी जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए सिर्फ सोचने से काम नहीं चलेगा, बल्कि समय रहते निवेश शुरू करना बेहद जरूरी है. पारस का सुझाव है कि अगर कोई व्यक्ति हर महीने लगभग 15,000 रुपये की SIP (सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) शुरू करता है, तो वह 18 साल में करीब 1.1 करोड़ रुपये का फंड तैयार कर सकता है. यह एक अनुशासित और नियमित निवेश का परिणाम होता है.

इसके अलावा, शुरुआत में 1 से 2 लाख रुपये का इंतजाम, फिर हर महीने 18,000 रुपये का खर्च और साथ ही 15,000 रुपये की SIP—अगर कोई परिवार इन तीनों को संतुलित तरीके से मैनेज कर सकता है, तो वह बिना ज्यादा तनाव के बच्चे की प्लानिंग कर सकता है. हालांकि, इस तरह की विस्तृत योजना को देखकर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी अलग-अलग रही हैं. कुछ लोगों ने इसे बहुत ही सटीक और उपयोगी बताया है. एक यूजर ने लिखा कि यह गणना काफी प्रभावी है और इससे लोगों को सही दिशा मिल सकती है. वहीं, कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी योजना को पूरा करने के लिए व्यक्ति की आमदनी कितनी होनी चाहिए.

यहां देखिए वीडियो

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