शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 ब्रेकिंग
England Tour से पहले मुश्किल में श्रीलंका, Kusal Mendis की जगह Charit Asalanka को मिली कप्तानी की बड़ी जिम्मेदारी​ | मानसून में फेशियल कराना चाहिए या नहीं? जानें इससे जुड़ी जरूरी बातें​ | अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का हुआ ऐलान, पहली बार इन खिलाड़ियों को मौका!​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

मां का शव सामने, बिलखती रही 8 साल की बेटी; एंबुलेंस के इंतजार में बेबस पिता… झांसी मेडिकल कॉलेज की दर्दनाक तस्वीर​

Jhansi News: उत्तर प्रदेश के झांसी स्थित महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था और गरीब परिवारों की मजबूरी पर सवाल खड़े कर दिए हैं. पत्नी की मौत के बाद एक गरीब पति अपनी पत्नी के शव को घर ले जाने के लिए घंटों तक मदद का इंतजार […]

Jhansi News: उत्तर प्रदेश के झांसी स्थित महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था और गरीब परिवारों की मजबूरी पर सवाल खड़े कर दिए हैं. पत्नी की मौत के बाद एक गरीब पति अपनी पत्नी के शव को घर ले जाने के लिए घंटों तक मदद का इंतजार करता रहा. उसके पास निजी वाहन या एंबुलेंस का इंतजाम करने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे. इस दौरान करीब 8 साल की मासूम बेटी अपनी मां के शव के पास बैठकर रोती रही. आखिरकार मेडिकल कॉलेज चौकी के एक सिपाही की नजर परिवार पर पड़ी और एंबुलेंस की व्यवस्था कर शव को घर भेजा गया.

पत्नी के इलाज के लिए झांसी आया था परिवार

मामला मध्य प्रदेश के ओरछा का है. ओरछा निवासी राहुल आदिवासी अपनी पत्नी रामवती का इलाज कराने के लिए स्थानीय अस्पताल पहुंचे थे. रामवती की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया. राहुल के मुताबिक, उनके पास इलाज और आनेजाने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे. परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए ओरछा के डॉक्टर ने उनकी मदद की और पैसे देकर टैक्सी की व्यवस्था कराई. इसके बाद राहुल अपनी पत्नी और करीब 8 साल की बेटी नंदनी के साथ झांसी पहुंचे.

इलाज के दौरान हो गई रामवती की मौत

महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में रामवती का इलाज चल रहा था. इसी दौरान उनकी मौत हो गई. पत्नी की मौत के बाद राहुल के सामने अब एक और बड़ी परेशानी खड़ी हो गई. उन्हें शव को वापस अपने घर ओरछा ले जाना था, लेकिन आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह निजी वाहन या एंबुलेंस का इंतजाम कर सकें. राहुल अपनी पत्नी के शव को स्ट्रेचर पर रखकर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के पास बनी पार्किंग में बैठ गया. वह मदद मिलने का इंतजार करता रहा.

मां के शव के पास बैठकर रोती रही मासूम

इस दौरान राहुल की करीब 8 साल की बेटी नंदनी अपनी मां के शव के पास बैठी रही. मां की मौत के बाद बच्ची का रोरोकर बुरा हाल था. वह बारबार अपनी मां की तरफ देख रही थी. बारिश के बीच पार्किंग में स्ट्रेचर पर रखा रामवती का शव और उसके पास बैठी मासूम नंदनी का यह दृश्य वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर रहा था. परिवार काफी देर तक इसी तरह मदद का इंतजार करता रहा.

सिपाही की नजर पड़ी, फिर मिली मदद

राहुल काफी देर तक शव को घर ले जाने के लिए इंतजार करता रहा. इसी दौरान मेडिकल कॉलेज चौकी में तैनात सिपाही अजय की नजर परिवार पर पड़ी. उन्होंने राहुल से पूरे मामले की जानकारी ली. मामले का पता चलने के बाद सिपाही ने एंबुलेंस की व्यवस्था कराने में मदद की. इसके बाद रामवती के शव को घर भेजा जा सका. परिवार के लिए यह बेहद मुश्किल समय था, लेकिन पुलिसकर्मी की पहल के बाद उन्हें कुछ राहत मिली.

CMS बोले परिजनों की मांग पर मिलता है शव वाहन

मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज के सीएमएस सचिन माहौर ने बताया कि किसी मरीज की मौत होने के बाद परिजनों की मांग पर शव वाहन उपलब्ध कराया जाता है. उन्होंने कहा कि संभव है कि इस मामले में परिजनों ने शव वाहन की जरूरत के बारे में अस्पताल प्रशासन को जानकारी नहीं दी हो. हालांकि, सीएमएस ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है. उनका कहना है कि जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी कि परिवार को शव वाहन मिलने में देरी क्यों हुई.

घटना ने व्यवस्था पर खड़े किए सवाल

इस घटना ने गरीब परिवारों के सामने मौत के बाद आने वाली आर्थिक मुश्किलों को भी सामने ला दिया है. एक तरफ अस्पताल प्रशासन शव वाहन की सुविधा उपलब्ध होने की बात कह रहा है, वहीं दूसरी तरफ परिवार को काफी देर तक शव के साथ इंतजार करना पड़ा. मासूम बेटी का मां के शव के पास बैठकर रोना और पिता का बेबस होकर मदद का इंतजार करना, इस पूरे मामले की सबसे दर्दनाक तस्वीर बन गई. घटना की तस्वीर ने लोगों को झकझोर दिया है. अस्पताल में गरीब मरीजों और उनके परिजनों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY