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दूध में मिलावट है या नहीं, 4 ML में चलेगा पता! रुहेलखंड यूनिवर्सिटी ने बनाया अनोखा पोर्टेबल टेस्टर​

Bareilly News: दूध में मिलावट है या नहीं, इसकी जांच के लिए अब बड़ी मात्रा में दूध के सैंपल की जरूरत नहीं पड़ेगी. बरेली स्थित रुहेलखंड विश्वविद्यालय के इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अजय यादव ने एक पोर्टेबल मिल्क टेस्टर तैयार किया है. दावा है कि यह डिवाइस सिर्फ 4 एमएल दूध के […]

Bareilly News: दूध में मिलावट है या नहीं, इसकी जांच के लिए अब बड़ी मात्रा में दूध के सैंपल की जरूरत नहीं पड़ेगी. बरेली स्थित रुहेलखंड विश्वविद्यालय के इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अजय यादव ने एक पोर्टेबल मिल्क टेस्टर तैयार किया है. दावा है कि यह डिवाइस सिर्फ 4 एमएल दूध के सैंपल से उसकी गुणवत्ता जांचने में मदद कर सकती है. खास बात यह है कि इसे छोटे स्तर पर और भविष्य में घर पर इस्तेमाल किए जाने की संभावना भी है.

50 एमएल की जगह सिर्फ 4 एमएल दूध

डॉ. अजय यादव के मुताबिक, दूध की गुणवत्ता जांचने वाले मौजूदा डिटेक्टर में करीब 50 एमएल दूध के सैंपल की जरूरत होती है. इसके मुकाबले उनके तैयार किए गए पोर्टेबल सेंसर से सिर्फ 4 एमएल दूध लेकर जांच की जा सकती है. सेंसर दूध के सैंपल की रीडिंग के आधार पर उसकी गुणवत्ता में बदलाव का संकेत देता है. इससे कम मात्रा में दूध लेकर भी जांच की प्रक्रिया पूरी करने में मदद मिल सकती है.

निकेल और प्लास्टिक रॉड से तैयार किया सेंसर

इस पोर्टेबल सेंसर को तैयार करने में निकेल रॉड और प्लास्टिक रॉड का इस्तेमाल किया गया है. शोध के दौरान इस डिवाइस का परीक्षण गाय, भैंस और पैकेट वाले दूध के सैंपल पर किया जा चुका है. शोधकर्ताओं के मुताबिक, अलगअलग प्रकार के दूध के सैंपल में सेंसर की रीडिंग में अंतर देखने को मिला है. इसी अंतर के आधार पर दूध की गुणवत्ता का आकलन करने की कोशिश की गई है.

मिलावट और प्रिजर्वेटिव की पहचान का दावा

डॉ. अजय यादव के अनुसार, सेंसर दूध में कुछ मिलावट और प्रिजर्वेटिव वाले तत्वों की पहचान करने में मदद कर सकता है. इनमें हाइड्रोजन परॉक्साइड, फार्मेल्डिहाइड, सोडियम हाइड्रॉक्साइड और सोडियम बाइकार्बोनेट जैसे तत्व शामिल हैं. उनके मुताबिक, गाय या भैंस के शुद्ध दूध की वोल्टेज रीडिंग एक निर्धारित सीमा में रहती है. वहीं, पैकेट वाले दूध या कुछ प्रिजर्वेटिव की मौजूदगी में इस रीडिंग में बदलाव देखा जा सकता है.

करीब 1000 से 1200 रुपये हो सकती है कीमत

इस पोर्टेबल मिल्क टेस्टर की अनुमानित लागत करीब 1000 से 1200 रुपए बताई गई है. इसकी एक खासियत यह भी है कि इसे बारबार इस्तेमाल किया जा सकता है. ऐसे में हर बार दूध की जांच के लिए अलग से बड़ा खर्च नहीं करना पड़ेगा.

तापमान पर टेस्टिंग के बाद बाजार में लाने की तैयारी

फिलहाल इस सेंसर का अलगअलग तापमान पर परीक्षण किया जाना बाकी है. इन परीक्षणों के सफल होने के बाद इसे बाजार में लाने की तैयारी की जाएगी. अगर डिवाइस आगे के परीक्षणों में सफल रहती है तो कम लागत और कम मात्रा में दूध लेकर उसकी गुणवत्ता जांचने का विकल्प आम लोगों को मिल सकता है. इससे घरों और छोटे स्तर पर दूध की जांच आसान होने की उम्मीद है.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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