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सुहागरात की सजावट के बाद अब पूजा-पाठ…चलती ट्रेन में सैलून कोच को लेकर रेलवे के क्या हैं नियम​

नई दिल्ली: चलती ट्रेन में ‘सुहागरात’ की सजावट को लेकर विवाद थमा नहीं था कि अब एक और विवाद खड़ा हो गया है। एक ट्रेन के सैलून कोच में पूजापाठ और रुद्राभिषेक कराया गया। इसे लेकर जब विवाद बढ़ा तो रेलवे ने इस पूरे मामले में सब कुछ साफ कर दिया है। जानते हैं कि […]

नई दिल्ली: चलती ट्रेन में ‘सुहागरात’ की सजावट को लेकर विवाद थमा नहीं था कि अब एक और विवाद खड़ा हो गया है। एक ट्रेन के सैलून कोच में पूजापाठ और रुद्राभिषेक कराया गया। इसे लेकर जब विवाद बढ़ा तो रेलवे ने इस पूरे मामले में सब कुछ साफ कर दिया है। जानते हैं कि सैलून कोच को लेकर रेलवे के नियम क्या हैं और सैलूून कोच क्या होता है, यह भी जानते हैं।

कहां चले जाते हैं नियमकायदे, यूजर ने उठाए सवाल
सोशल मीडिया एक्स पर ‘सोशलिस्ट स्पिरिट’ नाम के ट्विटर हैंडल पर एक यूजर ने लिखाट्रेन में नमाज पढ़ने पर भावनाएं आहत हो जाती हैं…ट्रेन के केबिन में हनीमून का सरप्राइज देने पर संस्कृति खतरे में आ जाती है और TTE सस्पेंड हो जाता है…लेकिन जब भारतीय रेलवे के एक वीआईपी सैलून कोच के अंदर बाकायदा पंडितों को बुलाकर चलती ट्रेन में पूरा तामझाम फैलाकर रुद्राभिषेक और पूजापाठ किया जाता है, तब सारे नियमकायदे और सर्व समाज का विरोध कहां चला जाता है?

रेलवे ने इस मामले में क्या कहायह जान लीजिए
इस मामले में जब विवाद बढ़ा तो पश्चिम रेलवे ने यूजर को जवाब देते हुए लिखाIRCTC ने 08 जुलाई, 2026 को सैलून कार बुक की थी। पार्टी ने कमर्शियल बुकिंग के तौर पर 3,08,580 रुपये का एडवांस पेमेंट किया था। इस सैलून कार को 10 जुलाई 2026 को नई दिल्ली से मुंबई की एकतरफा यात्रा के लिए ट्रेन नंबर 12926 पश्चिम एक्सप्रेस में जोड़ा जाना था।

NR ने ऑपरेशनल संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए 10 जुलाई, 2026 को सैलून के कमर्शियल रन का नोटिफिकेशन जारी किया था।
यात्रियों की समयपाबंदी, सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने की मुख्य जिम्मेदारी बिना किसी समझौते के रेलवे की है। इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। पार्टी द्वारा बुक की गई सैलून कार में एक पुजारी अभिषेक करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

रेलवे ने सोशल मीडिया पर किए गए दावों को खारिज किया
रेलवे ने आगे कहा कि आधिकारिक रिकॉर्ड से साफ पता चलता है कि कोच एक प्राइवेट संस्था ने बुक किया था, न कि किसी सरकारी विभाग, दफ्तर या अथॉरिटी को अलॉट किया गया था।

बयान में कहा गया, ‘रेलवे रिकॉर्ड पुष्टि करते हैं कि यह एक प्राइवेट कमर्शियल बुकिंग थी। इसलिए, सोशल मीडिया पोस्ट में इसे किसी सरकारी दफ़्तर या अथॉरिटी को अलॉट किया गया सरकारी या VIP सैलून बताना तथ्यों के हिसाब से गलत है।’

रेलवे ने बता दिया, क्या हैं नियम
मिड डे की एक स्टोरी के अनुसार, रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशनल व्यवहार्यता और रेलवे नियमों के पालन के आधार पर IRCTC के जरिए कमर्शियल तौर पर सैलून कार किराए पर ली जा सकती हैं।

बुकिंग मंज़ूर होने के बाद किराए पर लेने वाले को कानूनी कामों के लिए सैलून कार इस्तेमाल करने की इजाजत होती है। हालांकि, शर्त यही होती है कि सभी सुरक्षा जरूरतों, ऑपरेशनल निर्देशों और लागू रेलवे नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।

रेलवे के नियमों में स्पष्ट मनाही नहीं
मीडिया रिपोर्टों में अगर आपने FTR सेवा के तहत पूरा सैलून कोच निजी इस्तेमाल के लिए बुक किया है, तो आप अपनी आस्था के अनुसार अनुष्ठान कर सकते हैं।
सार्वजनिक सुरक्षा सर्वोपरि होना चाहिए। इसका मतलब यह है कि अनुष्ठान के दौरान ट्रेन की यात्रा में बाधा, सहयात्रियों को असुविधा या रेलवे की सुरक्षा मानकों जैसे आग का खतरा या ज्वलनशील सामग्री के इस्तेमाल से कोई समझौता नहीं होना चाहिए
बुकिंग के समय किसी भी संभावित नुकसान या पेनल्टी की भरपाई के लिए एक रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट/रजिस्ट्रेशन चार्ज देना जरूरी होता है।

एसी कोच में सुहागरात जैसी सजावट पर विवाद
हाल ही में एक ट्रेन नंदीग्राम एक्सप्रेस के फर्स्‍ट क्‍लास एसी कूपे को ‘सुहागरात’ जैसी सजावट की गई थी। इस मामले में विवाद बढ़ा तो रेलवे ने संबंधित कर्मचारी टिकट चेकर को सस्पेंड कर दिया है। रेल मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा है कि 6 जुलाई को ट्रेन नंबर 11002 में यात्रा कर रहे जोड़े ने अपने फर्स्ट एसी कूपे को सजाने के लिए ऑनलाइन डेकोरेटर को निजी तौर पर हायर किया था। कोच में डेकोरेटर का प्रवेश अनधिकृत था। इसे एक गंभीर चूक माना गया था।

सैलून कोच में क्या क्या होती है सुविधा
IRCTC टूरिज्म के तहत बताया गया है कि हर सैलून में बेडरूम और अतिरिक्त लोगों को ठहराने के लिए 4 से 6 अतिरिक्त बर्थ/बेड होते हैं।
इसमें कहा गया है कि आपकी आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए एक एसी अटेंडेंट और एक जनरल अटेंडेंट उपलब्ध कराए जाएंगे।
यात्रा के दौरान ताजा खाना पकाने के लिए एक रसोईघर है। रसोईघर में आवश्यक बर्तन, गर्म पानी का सिंक, रेफ्रिजरेटर, आरओ शुद्ध पानी आदि सभी सुविधाएं मौजूद हैं। IRCTC आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त शुल्क पर रसोइया और खाना पकाने की सामग्री उपलब्ध कराएगी।

सैलून में नवविवाहित जोड़े पर पूर्ण गोपनीयता
भारतीय रेलवे IRCTC के सहयोग से शानदार सैलून कारों में मनचाहे गंतव्यों तक यात्रा का अनूठा अनुभव प्रदान करता है। सैलून कारें घर जैसी सुविधाएं प्रदान करती हैं, जिनमें एक विशाल बैठक, स्नानघर सहित दो शयनकक्ष और एक सुसज्जित रसोईघर शामिल हैं।
सैलून में यात्रा का अनुभव उन लोगों के लिए आदर्श विकल्प है जो अपने परिवार और प्रियजनों के साथ निजता और विशिष्टता चाहते हैं। सैलून नवविवाहित जोड़ों को पूर्ण गोपनीयता प्रदान करते हैं। यात्रा के दौरान बैठकें आयोजित करने के लिए भी सैलून एक आदर्श विकल्प हैं। साथ ही आरामदायक सोफे, मल्टीचैनल टेलीविजन, और आराम करने और आरामदायक भोजन करने के लिए कुर्सियों के साथ एक विशाल वातानुकूलित लिविंगकमडाइनिंग रूम भी होता है।

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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