Sonu Nigam On Asha Bhosle: दिग्गज सिंगर सोनू निगम ने लेजेंड्री सिंगर आशा भोसले के साथ गुज़ारे वक्त के बारे में बताया है. उन्होंने साथ में ये भी कहा कि आशा भोसले के जाने का गम नहीं मनाना चाहिए. सोनू निगम का कहना है कि आशा भोसले 92 साल की उम्र में काम करते करते गई हैं. ऐसी जिंदगी तो हर आर्टिस्ट चाहता है. सोनू ने इस दौरान आशा भोसले से जुड़े किस्से भी सुनाए. इसी 12 अप्रैल को आशा भोसले का मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया था.

सोनू निगम ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वो एक गाड़ी में सफर कर रहे हैं और किसी से आशा भोसले के बारे में बातें करते दिखाई दे रहे हैं. वो कहते हैं, “1996 की शुरुआत में भरत भाई शाह के बेटे की शादी थी. बॉम्बे (मुंबई) में वो मेरा उनके साथ पहला कॉन्सर्ट था. उनका (आशा भोसले) गला खराब था. उन्होंने मुझसे कहा कि तुम मेरे साथ गाओगे…उन्होंने कहा मैं नहीं गा पाऊंगी, पर वो गा गईं. , बहुत बड़ी (शख्सियत हैं वो). उन्हें मेरी जरूरत नहीं थी. गला उनका खराब था, पर वो गला ठीक हो गया उनका. कैसे भी कर के गा दिया उन्होंने. वो कमाल की प्ररेणा थीं.”
जब आशा भोसले की सोनू निगम ने दूर की तकलीफ
सोनू आगे बताते हैं, “वो मुझे 1996 में अमेरिका ले गईं. जून में हमने उनके साथ परफॉर्म किया. मैं, अमित कुमार जी और आशा जी. उनके पैर में एक स्पर आ गया था, हील में. मेरी मम्मी को भी था. मैं मम्मी का ठीक कर देता था. इनको हो गया, ये खड़ी नहीं हो पा रही थीं. मैंने बोला मुझे आता है ठीक करना इसको. दो-तीन शो के बाद में रूम में गया उनके. उनके पैरों को मैंने ऐसे दबाया और ठीक हो गईं वो. कई सालों तक वो मुझे बोलती थीं, तुम्हें याद है, तुमने मेरा पैर दबाया था वहां पर.” सोनू ने बताया कि हील से एक बोन का कांटा उगता है, ये किसी कमी या कैल्शियम के ओवर ग्रोथ से शायद होता है.
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वैंकूवर में खिलाया चावल
सोनू ने बताया, “मुझे याद है, एक दिन हम शायद वैंकूवर में थे. ये कहती हैं मुझसे कि चावल खाओगे, दाल-चावल का मूड है कुछ. मैंने कहा हां खाते हैं. तो उन्होंने बनाया. हमारा सौभाग्य देखो. इसलिए मुझे इनके जाने का दुख तो है लेकिन मुझे लगता है कि इतनी बड़ी विभूति के जाने का दुख नहीं मनाना चाहिए. उन्होंने अपनी जिंदगी भरपूर तरीके से जी है. ऐसा अब क्या. 92 साल की हो चुकी थीं. अभी तक, अंत तक काम कर रही थीं. ये जिंदगी रोने वाली है क्या कोई, मतलब जिसके जाने पर (रोया जाए).”
“उनके सामने हमारा सिर झुका ही रहा”
सोनू ने कहा, “ऐसी औरत, ऐसे जाए, ऐसा हर आर्टिस्ट का सपना है. इतना मैं लंबा जीऊं, लंबा मेरा काम हो, आखिरी तक मेरी प्रासंगिकता बनी रहे. ये तो हर कलाकार का सपना है. आशा जी ने जो जीवन जिया है वो तो सलाम और नमन के काबिल है. हमारा सौभाग्य है कि उनके साथ में इतना समय बिताया. उनकी बातें सुनीं. क्योंकि वो कटाक्ष भी थीं काफी. लेकिन उनका हक है, वो बड़ी हैं, गुरू हैं. जहां से खड़ी होकर वो किसी की आलोचना करती हैं, वो उनका हक है. उस बात पर हमेशा हमारा सिर झुका ही रहा उनके आगे. मतलब वो जो पूरा एक बड़े लोगों का समूह था, जिन्होंने फिल्म म्यूजिक को पहचान दिलाई, उनका ये आखिरी सिपाही था, जो इस बार खत्म हो गया.”





