आजकल लोग अपने घर की छत या बालकनी में पौधे लगाना पसंद कर रहे हैं. हरियाली से भरा घर न सिर्फ देखने में खूबसूरत लगता है. बल्कि हवा को भी शुद्ध करता है और गर्मियों में ठंडक देता है. घर में सिर्फ पौधे लगाना ही काफी नहीं बल्कि उसी केयर करना भी उतना ही जरूरी है. प्लांट को हरा-भरा और हेल्दी रखने के लिए खाद का इस्तेमाल किया जाता है. वैसे तो मार्केट में कई तरह के केमिकल और खाद मिलते हैं, लेकिन कई बार ये मिलावटी होने की वजह से पौधे की मिट्टी को नुकसान पहुंचा सकते हैं. ऐसे में घर पर ही नेचुरल चीजों से बनी खाद एक अच्छा ऑप्शन होती है.

खास बात यह है कि इन खादों को बनाने के लिए आपको किसी खास सामान की जरूरत नहीं होती, बल्कि रोज़ाना किचन से निकलने वाला कचरा ही आपके पौधों के लिए पोषण का खजाना बन सकता है.जी हां, अगर आपके पौधे भी मुरझाने लगें हैं और आप उनमें फिर से जान डालना चाहते हैं तो ये आर्टिकल आपके लिए है. यहां हम आपको घर पर ही 5 तरह की खाद बनाने का तरीका बताने जा रहे हैं.
1.दाल का पानी (प्रोटीन रिच खाद)
अगर आप अपने पौधे को हेल्दी बनाए रखना चाहते हैं तो दाल का पानी भी इनके बहुत काम आ सकता है. जी हां आपको सुनकर हैरानी जरूर होगी. लेकिन दाल का पानी पौधों के लिए किसी प्रोटीन टॉनिक से कम नहीं है. इसमें प्रोटीन, नाइट्रोडन और मिनरल्स होते हैं जो प्लांट की ग्रोथ को बढ़ाते हैं. लेकिन ध्यान रखें कि दाल के पानी में नमक और मसाले न हों. इसलिए आपको बस दाल को पानी में डालकर उबालना है और इसे छानकर इसका पानी इस्तेमाल करें।
2.गुड़ और पानी का घोल (माइक्रोब बूस्टर)
गुड़ भी प्लांट के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. इसके लिए आपको बस गुड़ को पानी में घोलकर 2 से 3 दिन के लिए छोड़ दें. जब ये फर्मेंट हो जाए तो इसे पौधों में डालें. ये मिट्टी में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है और खूब पोषक देता है. लेकिन ध्यान रहे इसे महीने में सिर्फ 1 या 2 बार ही यूज करना बेहतर है.
3. प्याज के छिलकों की टॉनिक खाद
प्याज के सूखे छिलकों में एंटीऑक्सीडेंट और मिनरल्स होते हैं, जो पौधों की इम्युनिटी बढ़ाते हैं. एक मुट्ठी प्याज के छिलकों को 1 लीटर पानी में 24 घंटे के लिए भिगो दें. इसके बाद इस पानी को छानकर पौधों की जड़ों में डालें. यह खाद पौधों को कीटों से बचाने में भी मदद करती है.
4. चायपत्ती की ड्राई खाद (कम लोग जानते हैं सही तरीका)
अक्सर लोग इस्तेमाल की हुई चायपत्ती सीधे गमले में डाल देते हैं, जो नुकसान कर सकती है. सही तरीका यह है कि चायपत्ती को पहले अच्छे से धोकर सुखा लें ताकि उसमें शक्कर या दूध न रहे. सूखने के बाद इसे मिट्टी में मिलाएं. यह मिट्टी की संरचना सुधारती है और पौधों को हल्का नाइट्रोजन देती है.
5. लकड़ी की राख की मिनरल खाद
अगर घर में लकड़ी या कोयले का इस्तेमाल होता है, तो उसकी बची हुई राख को फेंकने की बजाय खाद के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है. राख में कैल्शियम और पोटैशियम होते हैं, जो मिट्टी को पोषण देते हैं. इसे बहुत कम मात्रा में (चुटकी भर) मिट्टी में मिलाएं, क्योंकि ज्यादा मात्रा नुकसान भी कर सकती है. यह खासकर सब्जियों और फूलों के लिए फायदेमंद होती है.





