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Best Horror Film: वो 5 फिल्में जिसमें दिखी असल जिंदगी की खौफनाक कहानी, दहशत में पड़ गए थे लोग

Horror Film Based On Real Story: हॉरर-कॉमेडी का ट्रेंड इन दिनों सिनेमाघरों में छाया हुआ है. हल्के-फुल्के डर और हंसी के साथ ये फिल्में दर्शकों को खूब पसंद आ रही हैं. हाल ही में रिलीज हुई अक्षय कुमार की फिल्म ‘भूत बंगला’ ने भी इसी जॉनर को और चर्चा में ला दिया है. लेकिन इस ट्रेंड ने कहीं न हीं हॉरर फिल्मों को पीछे कर दिया है. बॉलीवुड हो या हॉलीवुड हॉरर फिल्मों का जॉनर हमेशा ही कमाल का होता है और उस पर से अगर फिल्म देखते ही आपको ये पता लगे कि ये कहानी असली है तो ये सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं.

Best Horror Film: वो 5 फिल्में जिसमें दिखी असल जिंदगी की खौफनाक कहानी, दहशत में पड़ गए थे लोग
Best Horror Film: वो 5 फिल्में जिसमें दिखी असल जिंदगी की खौफनाक कहानी, दहशत में पड़ गए थे लोग

फिल्मी दुनिया में कई ऐसी हॉरर फिल्में बनी हैं, जिसने दर्शकों को काफी डराया है. हालांकि, अक्सर हॉलीवुड में ऐसी फिल्में ज्यादा बनाई जाती हैं, जो असल कहानियों पर बेस्ड होती हैं. असल घटनाओं पर बनी हॉरर फिल्मों की खासियत ये होती है कि उनका डर सिर्फ स्क्रीन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि दर्शकों के दिमाग में लंबे समय तक बैठ जाता है. इनमें दिखाए गए किरदार, लोकेशन और घटनाएं किसी कल्पना से नहीं, बल्कि असल एक्सपीरियंस से जुड़ी होती हैं. आइए ऐसी ही फिल्मों के बारे में बताते हैं.

द एक्सोरसिस्ट

साल 1973 में आई फिल्म ‘द एक्सोरसिस्ट’ विलियम फ्रीडकिन की डायरेक्शन में बनी फिल्म है. जानकारी के मुताबिक, ये फिल्म असल घटना पर आधारित है, जो कि 1949 में घटी थी. ये कहानी एक ऐसी लड़की पर है, जिस पर अचानक कोई साया आ जाता है और वो हिंसक रूप ले लेती है. पहले उसकी मां ने डॉक्टरों से संपर्क किया, लेकिन बाद में उसे चर्च जाना पड़ा. इस केस में प्रीस्ट के बताए गए डिटेल्स भी रिकॉर्ड किए गए हैं. ये पहली हॉरर फिल्म थी, जिसे ऑस्कर के लिए नॉमिनेट किया गया था.

द एमिटीविल हॉरर

दूसरी फिल्म की बात करें, तो इसमें ‘ एमिटीविल हॉरर’का नाम शामिल है, जो साल 1979 में आई थी. हालांकि, इस कहानी को लेकर कई डाउट हैं, लेकिन ज्यादातर लोगों ने इसे सही माना है. दरअसल, ये कहानी न्यूयॉर्क के एक ऐसे शख्स की है, जिसने अपने परिवार के सभी सदस्यों को गोली मार दी थी. वजह पूछने पर उसने बताया कि उसे आवाजें आती थी, जो उसे ये करने को कहती थी. इसके बाद उसी घर में एक नया परिवार रहने के लिए आया, लेकिन अजीबों-गरीब घटना की वजह से उन्होंने एक महीने में घर छोड़ दिया.

स्क्रीम

वेस क्रेवन की डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘स्क्रीम’ को भी उन डरावनी फिल्मों में से एक है, जो सच्ची घटना पर बेस्ड बताई जाती है. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म के राइटर केविन विलियमसन ने बताया था कि इस कहानी का आइडिया उन्हें गेन्सविले हत्याकांड से आया था. ये हत्याकांड 1990 में फ्लोरिडा के गेन्सविले शहर में हुई सीरियल किलर डैनी रोलिंग की हत्याओं के बारे में हैं, इस घटना ने पूरे अमेरिका को दहला दिया था.

द कंज्यूरिंग

‘द कंज्यूरिंग’ साल 2013 में आई थी, फिल्म को जेम्स वान ने डायरेक्ट किया था. ये फिल्म द कंज्यूरिंग यूनिवर्स की पहली फिल्म थी. जानकारी के मुताबिक, ये फिल्म साल 1971 में एक ऐसी फैमिली की कहानी है, जिसने अलग-अलग घटनाओं को अपने घर में महसूस किया था. फिल्म में दिखाया गया है कि जब कपल को अपने घर में पैरानॉर्मल एक्टिविटी दिखती है, तो वो पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर से कॉन्टैक्ट करते हैं, जिसके बाद कहानी के कई सारे पहलू सामने आते हैं.

एनाबेल

ये कहानी एक ऐसी डॉल की है, जिसके अंदर एक भयानक आत्मा रहती है, हम बात कर रहे हैं फिल्म ‘एनाबेल’ की. एनाबेल नाम की ये डॉल दो लड़कियों को मिलती है, जिसके बाद उन्हें पता लगता है कि उसके अंदर एक मासूम लड़का है. पहले तो वो उस डॉल को अपने घर में रहने की जगह देती हैं, लेकिन बाद में स्थिति के खराब होने के बार वो पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर को बुलाती हैं.

जिसके बाद ये पता लगता है कि ये पता लगता है कि वो आत्मा एक इंसान के शरीर की तलाश में है, जिसके बाद उस डॉल पर भूत भगाने का प्रॉसेस किया जाता है और उसे म्यूजियम में रख दिया जाता है. जानकारी के मुताबिक, ‘एनाबेल’ नाम की डॉल आज भी म्यूजियम में कैद है.

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