Wednesday, April 15, 2026
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91 साल पहले शुरू हुआ था बॉलीवुड में सीक्वल का दौर, एक महिला एक्शन स्टार ने रचा था इतिहास

First Bollywood Sequel Film: आज के दौर में फिल्मों के सीक्वल बनना आम बात हो गई है.’धुरंधर’, ‘पुष्पा’, ‘सिंघम’, ‘डॉन’ जैसी कई बड़ी फिल्मों के पार्ट 2 और पार्ट 3 की चर्चाएं पहले से ही शुरू हो जाती हैं. दर्शक भी अपनी पसंदीदा फिल्मों के अगले हिस्से का बेसब्री से इंतजार करते हैं. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि हिंदी सिनेमा में सीक्वल का ट्रेंड आज से नहीं, बल्कि आजादी से भी पहले शुरू हो गया था. उस दौर में बनी एक फिल्म ने पहली बार इस परंपरा की नींव रखी, जिसने बाद में बॉलीवुड की फ्रेंचाइजी फिल्मों का रास्ता तैयार किया.

91 साल पहले शुरू हुआ था बॉलीवुड में सीक्वल का दौर, एक महिला एक्शन स्टार ने रचा था इतिहास
91 साल पहले शुरू हुआ था बॉलीवुड में सीक्वल का दौर, एक महिला एक्शन स्टार ने रचा था इतिहास

हिंदी सिनेमा की पहली सीक्वल फिल्म ‘हंटरवाली की बेटी’ मानी जाती है, जो साल 1943 में रिलीज हुई थी. ये फिल्म 1935 में आई ‘हंटरवाली’ का सीक्वल थी और दोनों फिल्मों में एक ही एक्ट्रेस ने लीड रोल निभाया था. खास बात ये है कि उस दौर में जब फिल्मों में एक्शन और स्टंट ज्यादातर मेल एक्टर करते थे, तब एक महिला कलाकार ने अपने दम पर ये ट्रेंड बदल दिया. यही वजह है कि इस फिल्म को भारतीय सिनेमा के इतिहास में खास स्थान दिया जाता है.

क्यों बना था दूसरा पार्ट?

‘हंटरवाली’ फिल्म में ऑस्ट्रेलिया मूल की एक्ट्रेस फियरलेस नाडिया ने लीड रोल निभाई थी. उनका असली नाम मैरी एन इवांस था और वो अपनी दमदार स्टंट परफॉर्मेंस के लिए जानी जाती थीं. इस फिल्म में उन्होंने घुड़सवारी, तलवारबाजी और कई खतरनाक स्टंट खुद किए थे, जो उस समय दर्शकों के लिए बिल्कुल नया एक्सपीरियंस था. फिल्म की सक्सेस इतनी बड़ी रही कि दर्शकों ने इसके अगले पार्ट की मांग शुरू कर दी और यही वजह बनी ‘हंटरवाली की बेटी’ के बनने की.

बनी पहली सीक्वल फिल्म

करीब आठ साल बाद ‘हंटरवाली की बेटी’ बनाई गई और इस तरह हिंदी सिनेमा की पहली सीक्वल फिल्म सामने आई. इस फिल्म में भी नाडिया ने एक्शन अवतार में अन्याय के खिलाफ लड़ने वाली नायिका का किरदार निभाया. काले मास्क, हाथ में हंटर और दमदार स्टंट के साथ उनका अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आया. कहा जाता है कि उस दौर में नाडिया का ये किरदार महिलाओं के लिए एक नई छवि लेकर आया, जिसमें वो सिर्फ रोमांटिक भूमिका तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि एक्शन हीरो की तरह दिखाई दीं.

सालों बाद लौटा ट्रेंड

दिलचस्प बात ये है कि ‘हंटरवाली की बेटी’ के बाद कुछ समय तक सीक्वल फिल्मों का सिलसिला धीमा पड़ गया. हालांकि, बाद के सालों में ये ट्रेंड फिर से लौट आया और धीरे-धीरे बॉलीवुड में फ्रेंचाइजी फिल्मों का दौर शुरू हो गया. ‘ज्वेल थीफ’, ‘डॉन’, ‘धूम’, ‘हाउसफुल’ जैसी फिल्मों ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया और आज ये इंडस्ट्री का अहम हिस्सा बन चुका है. आज फिल्ममेकर्स पहले से ही अपनी फिल्मों को सीरीज के रूप में प्लान करते हैं.

सीक्वल पार्ट का है क्रेज

अगर पहली फिल्म हिट होती है, तो उसका दूसरा और तीसरा भाग बनाना लगभग तय माना जाता है. यही वजह है कि ‘धुरंधर 2’ ‘पुष्पा 2’, ‘सिंघम 3’, ‘वेलकम 3’ और ‘भूल भुलैया 3’ जैसी कई फिल्मों की अनाउंसमेंट पहले से हो चुकी है. लेकिन, ये सब उस दौर की देन है, जब ‘हंटरवाली’ और ‘हंटरवाली की बेटी’ जैसी फिल्मों ने सीक्वल का रास्ता खोला था. फिल्म इतिहास के लिहाज से देखा जाए तो ‘हंटरवाली की बेटी’ सिर्फ एक सीक्वल नहीं थी, बल्कि ये उस समय का बड़ा एक्सपेरिमेंट भी था.

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