Wednesday, April 15, 2026
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जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया और इजराइल के विदेश मंत्रियों से की बात, मिडिल ईस्ट तनाव पर साझा किए विचार

मध्य पूर्व में जारी तनाव पर भारत लगातार नजर रखे हुए हैं. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को अपने इजराइली काउंटरपार्ट गिदोन सार से बात की और ईरान के पोर्ट्स पर अमेरिकी नेवल ब्लॉकेड और वेस्ट एशिया के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा की. इसके अलावा एस जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग के साथ भी टेलीफोन पर बात की और ईरान और US-इज़राइल जंग से पैदा हुए हालातों पर चर्चा की.

जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया और इजराइल के विदेश मंत्रियों से की बात, मिडिल ईस्ट तनाव पर साझा किए विचार
जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया और इजराइल के विदेश मंत्रियों से की बात, मिडिल ईस्ट तनाव पर साझा किए विचार

जयशंकर के साथ अपनी कॉल के बाद सार ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के जरिए नेविगेशन की आजादी को नुकसान पहुंचाने वाले ईरान के एक्शन पर ‘एक्शन’ की जरूरत है. वहीं जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा, “आज दोपहर इजराइल के विदेश मंत्री सार के साथ टेलीकॉन हुआ. जिसमें हमने वेस्ट एशिया के हालात के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा की.”

दूसरे दौर की शांति वार्ता से पहले भारत से बात

दोनों विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर बातचीत इस्लामाबाद में शुरुआती बातचीत के नाकाम होने के बाद अमेरिका और ईरान की ओर से बातचीत का नया दौर शुरू करने की कोशिशों की खबरों के बीच हुई है. इजराइली विदेश मंत्री ने कहा, “हमने ईरान, होर्मुज स्ट्रेट और लेबनान पर बात की. मैंने कहा कि ईरान को न्यूक्लियर हथियार हासिल करने से रोकने वाली शर्तों पर बातचीत में अमेरिका का मजबूत रुख पूरे इंटरनेशनल समुदाय के लिए जरूरी है.” सार ने भारत समेत सभी देशों के लिए होर्मुज स्ट्रेट से नेविगेशन की आजादी पर ज़ोर दिया. हालांकि जयशंकर की पोस्ट में ईरान को लेकर कोई बात नहीं कही गई है.

अमेरिका की नाकाबंदी से बढ़ी चिंता

ईरान ने भारत के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता कुछ हद तक खोला है, लेकिन ईरान के पोर्ट्स पर अमेरिकी नेवी की नाकाबंदी से भारत को ईरान की ओर से मिलने वाला पास भी खतरे में आ गया है. बता दें, ईरान के होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग ट्रैफिक के फ्लो को ब्लॉक करने के बाद, अमेरिका राष्ट्रपति ने होर्मुज के बाहर ब्लॉकेड लगाने का आदेश दिया है. जिससे होर्मुज से ईरान के परमिशन से आने वाले जहाजों पर भी खतरा मंडराने लगा है. बता दें, ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के आने-जाने पर रोक लगाने के बाद ग्लोबल तेल और गैस की कीमतें बढ़ीं, इस रास्ते से ग्लोबल तेल और LNG का लगभग 20 परसेंट ट्रांजिशन होता है.

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