नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में थकान और सुस्ती दूर करने के लिए लोग तेजी से एनर्जी ड्रिंक्स का सहारा ले रहे हैं। ऑफिस में काम का दबाव हो, पढ़ाई का तनाव, रातभर जागना हो या जिम में एक्सरसाइज के दौरान ऊर्जा बनाए रखनी हो, युवाओं से लेकर बड़े उम्र के लोगों तक में एनर्जी ड्रिंक्स का चलन बढ़ता जा रहा है। बाजार में आकर्षक पैकेजिंग और तुरंत एनर्जी देने के दावों के साथ मिलने वाले ये पेय पदार्थ लोगों को खूब लुभाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कुछ समय के लिए फुर्ती देने वाली ये ड्रिंक्स आपकी सेहत पर कितना असर डाल सकती हैं?

कैफीन और शुगर की अधिक मात्रा बन सकती है परेशानी
अधिकांश एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन, शुगर और अन्य उत्तेजक तत्व मौजूद होते हैं। कैफीन कुछ समय के लिए सतर्कता और एकाग्रता बढ़ा सकता है, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा सेवन शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। अधिक मात्रा में सेवन करने से दिल की धड़कन तेज होना, घबराहट, बेचैनी, नींद न आना और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
दिल की सेहत पर भी पड़ सकता है असर
एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन और अन्य उत्तेजक तत्व कुछ लोगों में हृदय गति और ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकते हैं। खासकर हृदय संबंधी परेशानी वाले लोगों को इनके सेवन में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। कम उम्र के बच्चों और किशोरों के लिए भी एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन उचित नहीं माना जाता।
नींद बिगड़ने से बढ़ सकती है थकान
कई लोग दिनभर की थकान मिटाने के लिए शाम या रात में एनर्जी ड्रिंक पीते हैं। इससे कुछ समय तक नींद का एहसास कम हो सकता है, लेकिन कैफीन के कारण रात की नींद प्रभावित हो सकती है। पर्याप्त नींद न मिलने पर अगले दिन फिर थकान और सुस्ती महसूस होती है। इस तरह व्यक्ति बारबार एनर्जी ड्रिंक पर निर्भर होने लगता है।
ज्यादा शुगर से बढ़ सकता है वजन
कई एनर्जी ड्रिंक्स में चीनी की मात्रा काफी अधिक होती है। नियमित रूप से इनका सेवन करने से अतिरिक्त कैलोरी शरीर में पहुंचती है, जिससे वजन बढ़ने और दांतों की समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। लंबे समय तक अधिक शुगर का सेवन डायबिटीज के जोखिम को भी प्रभावित कर सकता है।
थकान दूर करने के लिए अपनाएं बेहतर विकल्प
विशेषज्ञों के अनुसार शरीर में ऊर्जा बनाए रखने के लिए एनर्जी ड्रिंक्स पर निर्भर रहने के बजाय पर्याप्त नींद लेना, संतुलित आहार खाना, नियमित व्यायाम करना और पर्याप्त पानी पीना अधिक बेहतर विकल्प हैं। फल, पौष्टिक भोजन और नियमित दिनचर्या शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं।
कब बरतें विशेष सावधानी?
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बच्चों और किशोरों को एनर्जी ड्रिंक्स से दूर रखना चाहिए।
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गर्भवती महिलाओं को कैफीन के सेवन को लेकर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
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हृदय रोग और हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
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एनर्जी ड्रिंक्स को शराब के साथ मिलाकर पीने से बचना चाहिए।
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एक दिन में कई एनर्जी ड्रिंक्स पीने की आदत न डालें।
याद रखें: एनर्जी ड्रिंक थकान का स्थायी इलाज नहीं है। अगर आपको लगातार कमजोरी या थकान महसूस होती है, तो इसकी वजह जानने के लिए चिकित्सक से सलाह लें। सेहत के साथ समझौता करके मिलने वाली कुछ मिनटों की फुर्ती भविष्य में परेशानी का कारण बन सकती है।