देश में दफ्तरों और पेशेवर कार्यों से जुड़ी नौकरियों में भर्तियां अक्टूबर माह के दौरान सालाना आधार पर 14 प्रतिशत बढ़ गईं. विनिर्माण क्षेत्र में ऐसी नौकरियों की मांग में सबसे अधिक तेजी दर्ज की गई. भर्ती रुझानों को मापने वाला ‘नौकरी जॉबस्पीक इंडेक्स’ अक्टूबर में बढ़कर 2,836 पर पहुंच गया जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 2,480 पर था. मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भर्ती गतिविधियां सालाना आधार पर 39 प्रतिशत बढ़ीं. यह इंडेक्स रोजगार पोर्टल ‘नौकरी डॉट कॉम’ पर नई नौकरियों के विज्ञापनों और उसके बायोडाटा डेटाबेस में भर्ती करने वालों की खोज गतिविधियों पर आधारित है. इसमें मुफ्त नौकरी विज्ञापन भी शामिल हैं.

एआई स्किल की मांग
इन्फो एज के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ हितेश ओबेरॉय ने कहा कि भर्ती में वृद्धि का कुछ हिस्सा पिछले साल त्योहारी मौसम के कारण बने कमजोर आधार का नतीजा है. इसके अलावा, मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने के प्रयासों से भी रोजगार के अवसर बढ़े हैं. आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से जुड़े कौशल की मांग भी मजबूत बनी हुई है.
महानगरों की भर्ती गतिविधियों में हैदराबाद का योगदान सबसे अधिक 15 प्रतिशत रहा. इसके बाद पुणे का 14 प्रतिशत और दिल्लीराष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का 13 प्रतिशत योगदान रहा. बेंगलुरु और मुंबई में भर्ती गतिविधियां सालाना आधार पर 1212 प्रतिशत बढ़ीं, जबकि चेन्नई में 11 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई. वहीं, कोलकाता में भर्ती गतिविधियां स्थिर रहीं.
छोटे और उभरते शहरों में गांधीनगर में भर्ती गतिविधियां सबसे अधिक 48 प्रतिशत बढ़ीं. इसके बाद सूरत में 36 प्रतिशत, रायपुर में 34 प्रतिशत, वडोदरा में 30 प्रतिशत, रांची में 29 प्रतिशत, जयपुर में 26 प्रतिशत और अहमदाबाद में 23 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई. रिपोर्ट के मुताबिक, दफ्तर में बैठकर किए जाने वाले कार्यों से जुड़ी भर्ती गतिविधि के लिहाज से सबसे तेजी से बढ़ते सात उभरते शहरों में से चार गुजरात के हैं.
किस सेक्टर में कितना इजाफा?
रिपोर्ट के अनुसार, FMCG सेक्टर में कुल मिलाकर 6% की मामूली वृद्धि हुई, लेकिन इसके प्रोडक्शन कार्यों के लिए हायरिंग में 40% और प्रोक्योरमेंट कार्यों के लिए 20% की बढ़ोतरी हुई. वहीं, FMCG में सेल्स और बिजनेस डेवलपमेंट के लिए हायरिंग में 5% की गिरावट आई. पिछले महीने व्हाइटकॉलर हायरिंग के मामले में, 5% की वृद्धि के साथ IT/सॉफ्टवेयर सेवाएं सबसे धीमी गति से बढ़ने वाले सेक्टरों में शामिल रहीं.
विभिन्न उद्योगों में, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और क्वालिटी एश्योरेंस जैसे कार्यों के लिए हायरिंग में केवल 1% की वृद्धि हुई. टेक्नोलॉजी टैलेंट की मांग मुख्य रूप से विशेष AI भूमिकाओं और GCC में केंद्रित हो रही है, जबकि सामान्य सॉफ्टवेयर हायरिंग स्थिर बनी हुई है.
मेट्रो शहरों में, व्हाइटकॉलर हायरिंग के मामले में हैदराबाद 15% की वृद्धि के साथ सबसे आगे रहा, इसके बाद पुणे और दिल्लीNCR का स्थान रहा. बेंगलुरु और मुंबई में 1212% की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि चेन्नई में यह 11% रही. कोलकाता में कोई बदलाव नहीं दिखा.