केंद्र सरकार के बाद अब पंजाब सरकार ने महंगाई भत्ते का ऐलान कर दिया है. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत की वृद्धि करने की घोषणा की हे. इसके साथ महंगाई भत्ता बढ़कर 53 प्रतिशत हो गया है. मान ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य सरकार की तरफ से आठ लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को दिवाली का तोहफा दिया जा रहा है. उनके महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत बढ़ोतरी कर दी गई है. उन्होंने कहा कि इस वृद्धि के बाद महंगाई भत्ते की दर बढ़कर 53 प्रतिशत हो जाएगी. वर्ष 2022 में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के समय महंगाई भत्ते की दर 28 प्रतिशत थी.

71,777 नई सरकारी नौकरियां भी दी
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने दो महीने के भीतर डीए में 11 प्रतिशत की वृद्धि की है. इससे पहले सरकार ने इसमें आठ प्रतिशत की वृद्धि की थी. मान ने कहा कि राज्य सरकार ने योग्यता के आधार पर 71,777 नई सरकारी नौकरियां भी दी हैं. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा के लिए सरकार के दरवाजे हमेशा खुले हैं और वे किसी भी समय आकर अपनी बात रख सकते हैं. संगरूर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की रैली के बारे में पूछे जाने पर मान ने कहा कि सभी को रैली करने का अधिकार है.
सरकार कितना पड़ेगा वित्तीय बोझ
23 सितंबर को, वित्त विभाग ने पहले की 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के लिए आदेश जारी किए थे, जिसमें संशोधित दरें 1 सितंबर से लागू की गई थीं. कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सितंबर के वेतन और अक्टूबर की पेंशन के साथ इसका लाभ मिला. 1 जनवरी, 2021 से 30 सितंबर, 2026 की अवधि के लिए पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का बकाया DA और DR कुल 22,818 करोड़ रुपए हो गया है. केंद्र सरकार की DA दरों के बराबर दरें लागू करने से राज्य के खजाने पर सालाना 4,712 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. इन बकाया राशियों का भुगतान करने का वित्तीय असर और भी अधिक होगा, क्योंकि राज्य सरकार को इस बकाया राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा. इन दोनों लंबित देनदारियों को मिलाकर, राज्य पर कुल बकाया बोझ 32,418 करोड़ रुपये होने का अनुमान है.
इस रिपोर्ट से सामने आए आंकड़े
ये आंकड़े पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के सामने मुख्य सचिव केएपी सिन्हा द्वारा पेश की गई एक रिपोर्ट में सामने आए हैं. इस रिपोर्ट में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के प्रति सरकार की वित्तीय जिम्मेदारियों का विवरण दिया गया है. वर्ष 202526 के दौरान, पंजाब ने वेतन और पेंशन पर सालाना लगभग 58,064 करोड़ रुपये खर्च किए. DA का अतिरिक्त बोझ, साथ ही बकाया राशि और उस पर देय ब्याज, सरकार के अनिवार्य खर्च को और बढ़ा देंगे.
इस बीच, DA के बकाए का भुगतान न होने का मामला पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में लंबित है. मंगलवार को, उच्च न्यायालय ने मुख्य सचिव को अवमानना नोटिस जारी किया और 17 नवंबर तक उनसे जवाब मांगा. यह अवमानना कार्यवाही तब शुरू हुई जब सरकार लंबित बकाए के भुगतान पर अपना रुख स्पष्ट करने में विफल रही.
सितंबर में सरकार ने DA को 8 प्रतिशत बढ़ाने का फैसला किया था, जिससे इसकी दर 42 प्रतिशत से बढ़कर 50 प्रतिशत हो गई. इससे कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को कुछ राहत मिली. हालांकि, इस संशोधन में केवल DA की दर में बदलाव किया गया, जबकि जनवरी 2021 से जमा हुए बकाये का निपटारा नहीं किया गया.
बीजेपी पर तीखा हमला
मोगा के विधायक के यहां प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी पर उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों की छापेमारी से संकेत मिलता है कि चुनाव समय पर होने वाले हैं. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के नजदीक आने पर केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जाता है. उन्होंने कहा कि छापेमारी होने दीजिए, उन्हें कुछ नहीं मिलेगा. धान की पराली जलाने से प्रदूषण बढ़ने के सवाल पर मान ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण के पीछे पंजाब की कोई भूमिका नहीं है और दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा भी यह बात जानते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. सिरसा ने मंगलवार को पराली जलाने के मुद्दे पर आप सरकार की आलोचना की थी.