गुरुवार, 5 नवंबर 2026 ब्रेकिंग
वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए बार-बार न भरें फॉर्म-6, चुनाव आयोग ने उठाया बड़ा कदम​ | धनतेरस पर सोना खरीदें या चांदी, कहां मिलेगा ज्यादा रिटर्न? यहां समझें पूरा गणित​ | यूपी में पंचायत और विधानसभा वोटर लिस्ट में 2.4 करोड़ का अंतर क्यों? क्या है जोड़ने का प्रोसेस​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Dharam

November 2026 Wedding Dates: देवउठनी एकादशी के बाद November 2026 में शादी के लिए मिलेंगे 4 Shubh Muhurat​

वैदिक पंचांग के मुताबिक कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर देवउठनी एकादशी मनाई जाती है। इस दिन से फिर चातुर्मास की समाप्ति होती है। चातुर्मास खत्म होने के बाद शुभ और मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं। जिसके बाद हर तरफ शहनाइयों की गूंज और शादियों की रौनक लग जाती है। वहीं […]

वैदिक पंचांग के मुताबिक कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर देवउठनी एकादशी मनाई जाती है। इस दिन से फिर चातुर्मास की समाप्ति होती है। चातुर्मास खत्म होने के बाद शुभ और मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं। जिसके बाद हर तरफ शहनाइयों की गूंज और शादियों की रौनक लग जाती है। वहीं देवउठनी एकादशी पर जगत के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु भी योगनिद्रा से जागते हैं। इसलिए सभी एकादशी तिथियों में देवउठनी एकादशी को बेहद अहम माना जाता है।

हिंदू धर्म में शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त जरूर देखा जाता है। विवाह के मुहूर्त के लिए किसी पंडित जी की सलाह जरूर लेना चाहिए। अगर आप या आपके घरपरिवार में किसी की नवंबर 2026 में शादी होने वाली है, तो पहले शुभ मुहूर्त देखना बेहद जरूरी है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि नवंबर 2026 में कौन सी तिथियां विवाह के लिए सबसे शुभ रहेंगी और साथ ही किन विशिष्ट नक्षत्रों का महासंयोग बन रहा है।

नवंबर 2026 में विवाह के मुहूर्त और योग

21 नवंबर 2026 को रेवती नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है। जोकि विवाह कार्य के लिए बेहद उत्तम माना जाता है।

वहीं 24 नवंबर 2026 को रोहिणी नक्षत्र में विवाह के विशेष शुभ योग बन रहा है।

25 नवंबर 2026 को रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्र का संयोग बन रहा है। जोकि दांपत्य जीवन में सुखसमृद्धि लाता है।

26 नवंबर 2026 को मृगशिरा नक्षत्र के प्रभाव से शादी के लिए बेहद शुभ मुहूर्त है।

हिंदू परंपराओं के मुताबिक शुभ मुहूर्त और नक्षत्रों में विवाह संपन्न करने से वैवाहिक जीवन में सामंजस्य, प्रेम और समृद्धि बनी रहती है। हालांकि विवाह की आखिरी तिथि निश्चित करने से पहले स्थानीय पंचांग और ज्योतिषाचार्य से वरवधू की कुंडली मिलाकर सटीक समय की पुष्टि जरूर करवा लें।

विवाह के लिए जरूरी है शुभ मुहूर्त

आपको बता दें कि विवाह के लिए शुभ मुहूर्त को देखना इसलिए भी जरूरी होता है कि जिससे कि वरवधू के वैवाहिक जीवन में सुखशांति और समृद्धि बनी रहे।

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY