Delhi Protest: नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट ने 3 नवंबर, मंगलवार को दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई की। इसमें लोगों को बड़ी संख्या में हिरासत में लेने, पुलिस की बर्बरता, मेट्रो स्टेशन बंद करने और इंटरनेट सेवाएं बंद करने जैसे मुद्दे उठाए गए। इस दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा कि किसी भी जगह पर हमेशा के लिए कब्जा नहीं किया जा सकता, क्योंकि दूसरे लोगों को भी अपनी शिकायतें रखने का अधिकार है।

हर किसी को विरोध करने का अधिकार
CJI सूर्यकांत ने कहा कि आप किसी जगह पर हमेशा के लिए कब्जा नहीं कर सकते। अन्य प्रदर्शनकारी भी हैं। किसान या वकील कहां जाएंगे ? हर किसी को विरोध करने का अधिकार है। कोर्ट की ये टिप्पणी पिछले महीने दिल्ली के जंतरमंतर पर विपक्षी दलों और अन्य लोगों की ओर से चुनाव आयोग के खिलाफ किए गए बड़े विरोध प्रदर्शन से जुड़ी सुनवाई के दौरान आई। इस जगह से विरोध प्रदर्शन स्थल का दर्जा हटाने की प्रक्रिया चल रही थी।
व्यापारियों ने बताई नुकसान की बात
सुप्रीम कोर्ट में व्यापारिक संगठनों ने याचिका दायर कर कहा कि विरोध प्रदर्शनों की वजह से उन्हें काफी नुकसान हो रहा है। इस पर कोर्ट ने व्यापारियों के संगठनों से कहा कि वे ‘एंटीCEC’ विरोध प्रदर्शन के आयोजकों को भी अपनी याचिका में पक्षकार बनाएं। व्यापारियों के वकील ने कोर्ट को बताया कि विरोध प्रदर्शन स्थल के आसपास के इलाकों में करीब 50 लाख लोग रहते हैं। सभी दुकानें बंद हैं और कनॉट प्लेस में भी आज कोई नहीं है।
आयोजकों को जिम्मेदारी लेनी चाहिए
सुनवाई के दौरान सरकार के सीनियर वकील तुषार मेहता ने कहा कि जो भी व्यक्ति विरोध प्रदर्शन का आह्वान करता है, उसे अपने काम के नतीजों की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए।