मंगलवार, 3 नवंबर 2026 ब्रेकिंग
क्या इंडिया में भी लॉन्च होगी 125cc की ये TVS बाइक? EICMA 2026 में हुई पेश, जानें खूबियां​ | लखनऊ में खूनी अक्टूबर! कारोबारी शिवा की मौत से ट्रिपल मर्डर तक, इन हत्याकांडों ने दहला दी राजधानी​ | 400cc इंजन के साथ आ रही Yamaha की नई एडवेंचर बाइक! KTM से होगी टक्कर​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Business

डिजिटल दुनिया पर राज करने की तैयारी में अडानी ग्रुप, डेटा सेंटर के लिए जुटाएगा 1.5 बिलियन डॉलर का फंड​

Adani Group data center loan: भारत के सबसे अमीर शख्स गौतम अडानी अब डिजिटल दुनिया में अपना दबदबा बढ़ाने जा रहे हैं. अडानी ग्रुप अपने डेटा सेंटर कारोबार का विस्तार करने के लिए करीब 1.5 बिलियन डॉलर का कर्ज लेने की तैयारी कर रहा है. इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के मुताबिक, ये […]

Adani Group data center loan: भारत के सबसे अमीर शख्स गौतम अडानी अब डिजिटल दुनिया में अपना दबदबा बढ़ाने जा रहे हैं. अडानी ग्रुप अपने डेटा सेंटर कारोबार का विस्तार करने के लिए करीब 1.5 बिलियन डॉलर का कर्ज लेने की तैयारी कर रहा है. इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के मुताबिक, ये रकम विदेशी कर्ज के तौर पर जुटाई जाएगी.

अडानी ग्रुप का ये कदम दिखाता है कि कंपनी अब अपने पारंपरिक ऊर्जा कारोबार से आगे बढ़कर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा दांव लगा रही है. कंपनी ने साल 2035 तक डेटा सेंटर समेत अन्य डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में करीब 100 बिलियन डॉलर का भारीभरकम निवेश करने की योजना बनाई है. ये नया कर्ज इसी बड़े लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक अहम कदम है.

किन विदेशी बैंकों से चल रही है बातचीत

इस बड़े कर्ज के लिए अडानी ग्रुप की संयुक्त उद्यम कंपनी ‘अडानीकॉनेक्स प्राइवेट’ ने मोर्चा संभाला है. ये कंपनी डेटा सेंटर ऑपरेटर एजकॉनेक्स के साथ मिलकर बनाई गई है. सूत्रों ने अपनी पहचान गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि इस ऑफशोर फंडिंग के लिए दुनिया के कई बड़े बैंकों से बातचीत चल रही है.

इन बैंकों की लिस्ट में डीबीएस ग्रुप होल्डिंग्स , फर्स्ट अबू धाबी बैंक के अलावा मित्सुबिशी यूएफजे फाइनेंशियल ग्रुप शामिल हैं. इतना ही नहीं, अडानी समूह इस फाइनेंसिंग के लिए नैटिक्सिस , आईएनजी बैंक के साथसाथ सोसाइटी जनरले जैसे अन्य ग्लोबल लेंडर्स के साथ भी चर्चा कर रहा है.

फिलहाल इस कर्ज की ब्याज दरों को लेकर बातचीत का दौर जारी है. माना जा रहा है कि ये लोन पांच से सात साल की अवधि के लिए हो सकता है. हालांकि, अभी तक कर्ज की शर्तों को अंतिम रूप नहीं दिया गया है. इस पूरे मामले पर डीबीएस बैंक के साथ फर्स्ट अबू धाबी बैंक ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है. वहीं अडानी ग्रुप, एमयूएफजी, सोसाइटी जनरले, नैटिक्सिस या आईएनजी बैंक की तरफ से भी भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं आया है.

मुकेश अंबानी की रिलायंस से है मुकाबला

डेटा सेंटर के इस खेल में गौतम अडानी अकेले नहीं हैं. देश के दूसरे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी की रिलायंस भी इस मैदान में पूरी ताकत से उतर चुकी है. रिलायंस समूह ने अगले सात सालों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर में 110 बिलियन डॉलर तक निवेश करने का प्लान बनाया है.

देश के इन दो सबसे बड़े कारोबारी घरानों के बीच मची ये होड़ भारत के डेटा सेंटर मार्केट को बहुत तेजी से आगे बढ़ा रही है. असल में, एआई के अलावा क्लाउड सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए भारी कंप्यूटिंग क्षमता की जरूरत है. यही वजह है कि बड़ी कंपनियां तेजी से डेटा सेंटर बनाने में जुटी हैं.

भारत में तेजी से बढ़ रहा डेटा सेंटर का बाजार

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में डेटा सेंटर की क्षमता में जबरदस्त उछाल आने की उम्मीद है. अगस्त 2026 में देश की डेटा सेंटर क्षमता करीब 1.57 गीगावाट थी. सरकार को उम्मीद है कि साल 2030 तक ये क्षमता बढ़कर लगभग 8 गीगावाट तक पहुंच जाएगी.

इस सेक्टर की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अगले सात से आठ सालों में भारत के डेटा सेंटर बाजार में करीब 200 बिलियन डॉलर का निवेश आ सकता है. अडानी ग्रुप की ये ताजा फंडिंग की कोशिश ऐसे समय में हो रही है, जब कुछ महीने पहले ही अडानीकॉनेक्स ने 800 मिलियन डॉलर का डेटा सेंटर लोन हासिल किया था. पिछला लोन 18 महीने की अवधि के लिए लिया गया था. अब 1.5 बिलियन डॉलर की ये नई डील कंपनी के विस्तार को नई रफ्तार देगी.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY