गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 ब्रेकिंग
SBI Data Leak: क्या हैकर्स आपके नाम पर ले सकते हैं फर्जी लोन? ठगी से बचने के लिए करें ये काम​ | न्यूजीलैंड ने अपने ही घर में रचा इतिहास, भारत के खिलाफ पहले मैच में ग्लेन फिलिप्स ने भी दिखाया दम​ | क्या है ‘बिस्मिल्लाह से ले तेनेब्र’ का मतलब, जो फ्रांस से इटली तक गूंज रहा?​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

Airports Privatization: रायपुर, वाराणसी और कुशीनगर समेत 11 एयरपोर्ट होंगे प्राइवेट? 50 साल की लीज पर देने की तैयारी​

: केंद्र सरकार देश के 11 हवाई अड्डों का संचालन निजी कंपनियों को सौंपने की तैयारी कर रही है। इस योजना में वाराणसी , अमृतसर , रायपुर और भुवनेश्वर समेत कई एयरपोर्ट शामिल हैं। प्रस्ताव के तहत इन हवाई अड्डों को पब्लिकप्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर 50 साल की लीज पर दिया जाएगा। इसके लिए दिसंबर […]

: केंद्र सरकार देश के 11 हवाई अड्डों का संचालन निजी कंपनियों को सौंपने की तैयारी कर रही है। इस योजना में वाराणसी , अमृतसर , रायपुर और भुवनेश्वर समेत कई एयरपोर्ट शामिल हैं। प्रस्ताव के तहत इन हवाई अड्डों को पब्लिकप्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर 50 साल की लीज पर दिया जाएगा। इसके लिए दिसंबर 2026 तक बोली प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।

इस बार भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने एयरपोर्ट को अलगअलग देने के बजाय पांच समूहों में बांटने की योजना बनाई है। हर समूह में एक बड़े एयरपोर्ट के साथ छोटे एयरपोर्ट को जोड़ा जाएगा, ताकि निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़े और छोटे हवाई अड्डों के संचालन को भी बेहतर बनाया जा सके। सरकार का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 के अंत तक इस प्रक्रिया से जुड़े सौदों को अंतिम रूप देना है।

पांच समूहों में बांटे जाएंगे 11 एयरपोर्ट

प्रस्तावित योजना के तहत 11 हवाई अड्डों को पांच समूहों में रखा गया है। इनमें शामिल एयरपोर्ट की सूची इस प्रकार है:

अमृतसर और कांगड़ागग्गल: पंजाब और हिमाचल प्रदेश के इन हवाई अड्डों को एक समूह में रखा जाएगा।

वाराणसी, गया और कुशीनगर: उत्तर प्रदेश और बिहार के इन तीन एयरपोर्ट को एक साथ जोड़ा जाएगा।

भुवनेश्वर और हुबली: ओडिशा और कर्नाटक के इन हवाई अड्डों का संचालन एक समूह के तहत किया जा सकता है।

रायपुर और औरंगाबाद: छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के इन एयरपोर्ट को एक साथ रखा जाएगा।

तिरुचिरापल्ली और तिरुपति: तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के इन हवाई अड्डों को एक समूह में शामिल करने की योजना है।

वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने की तैयारी

इस निजीकरण प्रक्रिया में अधिक निवेशकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रमुख अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्रों में रोडशो आयोजित करने की योजना बना रही है। इनमें मुंबई के अलावा दुबई और सिंगापुर जैसे शहर भी शामिल हो सकते हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए संभावित निवेशकों को योजना की जानकारी दी जाएगी और उनकी राय भी ली जाएगी। मौजूदा एयरपोर्ट ऑपरेटरों के साथ नए निवेशकों के भी बोली प्रक्रिया में शामिल होने की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक, GMR और अडानी समूह जैसे मौजूदा ऑपरेटरों के अलावा पश्चिम एशिया के सॉवरेन वेल्थ फंड और JSW समूह जैसे बड़े भारतीय कारोबारी घराने भी इसमें रुचि दिखा सकते हैं।

ये भी पढ़ें:

मोनोपॉली रोकने के लिए भी बनेगी व्यवस्था

एयरपोर्ट संचालन के क्षेत्र में कुछ कंपनियों का दबदबा न बढ़े, इसके लिए सरकार एक कंपनी द्वारा बोली लगाए जा सकने वाले एयरपोर्ट की संख्या पर सीमा तय करने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य प्रतिस्पर्धा बनाए रखना और किसी एक समूह के पास बहुत अधिक हवाई अड्डों का संचालन जाने से रोकना है। फिलहाल यह योजना प्रस्तावित है। बोली प्रक्रिया, निवेशकों की भागीदारी और एयरपोर्ट संचालन से जुड़ी अंतिम शर्तों के बारे में विस्तृत जानकारी आधिकारिक घोषणा के बाद स्पष्ट होगी। 

ये भी पढ़ें:

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

 

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY