Census Rules 2026: केंद्र सरकार ने जनगणना से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए गणनाकारों की नियुक्ति का दायरा बढ़ाने का प्रावधान किया है।

जनगणना में अब सरकारी कर्मचारियों के साथ निजी संस्थानों, सोसायटियों और ट्रस्टों से जुड़े कर्मचारियों को भी जनगणना कार्य में नियुक्त करने का विकल्प शामिल किया गया है। हालांकि, सरकार ने इसे अनिवार्य नहीं किया है।
संशोधित नियमों के अनुसार, केंद्र या राज्य सरकार, स्थानीय निकायों और सहायता प्राप्त अथवा गैरसहायता प्राप्त निजी शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों को जनगणना कार्य के लिए गणनाकार बनाया जा सकेगा।
इसमें सोसायटियों और ट्रस्टों द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षक भी शामिल हैं।
Ministry of Home Affairs notifies the Census Rules, 2026 pic.twitter.com/DBy2hhdHNe
— ANI October 16, 2026
बैंक और कंपनियों के कर्मचारी भी होंगे नियुक्त
नए नियमों के तहत केंद्र सरकार, राज्य सरकार और स्थानीय प्राधिकरणों के क्लर्क , अधिकारी तथा अन्य कर्मचारियों को भी जनगणना कार्य में लगाया जा सकेगा।
इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, वैधानिक निकायों, बैंकों, कंपनियों, संस्थानों, सोसायटियों और ट्रस्टों के कर्मचारियों को भी गणनाकार के रूप में नियुक्त करने का प्रावधान किया गया है।
राज्य सरकारों को भी मिला चयन का अधिकार
संशोधित नियमों में एक अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान जोड़ा गया है। इसके अनुसार, राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन किसी ऐसे व्यक्ति को भी गणनाकार के रूप में नियुक्त कर सकेगा, जिसे वह इस कार्य के लिए उपयुक्त समझता हो।
इससे प्रशासन को उपलब्ध मानव संसाधनों के आधार पर जनगणना के लिए कर्मचारियों का चयन करने में अधिक विकल्प मिलेंगे।