बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 ब्रेकिंग
Priyanka Gandhi Statement: प्रियंका गांधी का सरकार पर तीखा हमला, बोलीं- इसे हटाने के अलावा अब कोई रास्ता नहीं​ | फ्रांस का वो प्रदर्शन जब छात्रों ने हिला दी थी राष्ट्रपति की कुर्सी, अब मैक्रों के सामने फिर वही चुनौती​ | RBI ने Paytm Payments Bank को शेड्यूल्ड बैंकों की सूची से हटाया, जानें क्या है मामला​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Business

HDFC बैंक के ग्राहकों की बल्ले-बल्ले! बैंक ने ब्याज दरों में की कटौती, घटेगी आपकी लोन EMI​

जहां एक ओर आरबीआई ने 44 महीने के बाद रेपो रेट में इजाफा कर लोन ईएमआई में इजाफे का संकेत दिया है. वहीं दूसरी ओर देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक एचडीएफसी बैंक ने होम लोन की ईएमआई में कटौती का ऐलान कर अपने कस्टमर्स को बड़ी खुशखबरी दी है. HDFC बैंक के जिन होम […]

जहां एक ओर आरबीआई ने 44 महीने के बाद रेपो रेट में इजाफा कर लोन ईएमआई में इजाफे का संकेत दिया है. वहीं दूसरी ओर देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक एचडीएफसी बैंक ने होम लोन की ईएमआई में कटौती का ऐलान कर अपने कस्टमर्स को बड़ी खुशखबरी दी है. HDFC बैंक के जिन होम लोन ग्राहकों का लोन ‘मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्सबेस्ड लेंडिंग रेट’ से जुड़ा है, उनकी EMI कम होने का रास्ता साफ हो गया है.

बैंक ने सभी अवधि के लिए MCLR दरों में 15 बेसिस प्वाइंट्स तक की कटौती की है. बेसिस प्वाइंट, प्रतिशत प्वाइंट का सौवां हिस्सा होता है. HDFC बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, बदली हुई MCLR दरें 7 अक्टूबर, 2026 से लागू होंगी. इस बदलाव के बाद, लोन की अवधि के आधार पर HDFC बैंक की MCLR दरें अब 7.80 फीसदी से 8.55 फीसदी के बीच हैं. इससे पहले, लोन की अवधि के आधार पर HDFC बैंक की MCLR दरें 7.90 फीसदी से 8.60 फीसदी के बीच थीं.

HDFC बैंक ने किया लेंडिंग रेट्स में बदलाव

HDFC बैंक की ओवरनाइट MCLR सितंबर 2026 में 7.90% से घटकर अक्टूबर 2026 में 7.80% हो गई, जो 10 बेसिस प्वाइंट्स की कमी है. एक महीने की MCLR अक्टूबर 2026 में 7.90% से घटकर 7.75% हो गई, यानी इसमें 15 बेसिस प्वाइंट्स की कमी आई. तीन महीने की MCLR 8.05% से घटकर 7.95% हो गई, जो 10 बेसिस प्वाइंट्स की कमी है.

HDFC बैंक की 6 महीने की MCLR 8.25% से घटकर 8.15% हो गई और 1 साल की MCLR 8.35% से घटकर 8.30% हो गई, जो 5 बेसिस प्वाइंट्स की कमी है. 2साल का MCLR 8.45% से घटकर 8.40% हो गया, और 3साल का MCLR भी 5 बेसिस प्वाइंट्स कम होकर सितंबर में 8.60% से अक्टूबर 2026 में 8.55% हो गया.

टेन्योर अक्टूबर 2026 MCLR सितंबर 2026 MCLR कितनी आई कमी
ओवरनाइट 7.80% 7.90% 0.10%
1 महीना 7.75% 7.90% 0.15%
3 महीने 7.95% 8.05% 0.10%
6 महीने 8.15% 8.25% 0.10%
1 साल 8.30% 8.35% 0.05%
2 साल 8.40% 8.45% 0.05%
3 साल 8.55% 8.60% 0.05%

MCLR क्या है?

MCLR वह कम से कम ब्याज दर है जो कोई फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन किसी खास लोन के लिए वसूलता है. यह लोन के लिए ब्याज दर की लोअर लिमिट तय करता है. जब तक RBI कुछ और न कहे, उधार लेने वालों के लिए यह दर सीमा तय रहती है. RBI ने 2016 में MCLR शुरू किया था. वैसे रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 अपनी मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक में रेपो रेट को 5.25% से बढ़ाकर 5.5% कर दिया. 44 महीने के बाद आरबीआई ने अपने रेपो रेट में बढ़ोतरी की है.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY