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पेट्रोल-डीजल पर पब्लिक को बड़ा झटका, किसने 5 रुपए महंगा किया पेट्रोल?​

नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तत्काल प्रभाव से बढ़ोतरी की है. कंपनी ने पेट्रोल के दाम ₹5 प्रति लीटर और डीजल के दाम ₹3 प्रति लीटर बढ़ाए हैं. यह फैसला अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती लागत के बीच लिया गया है. नायरा एनर्जी भारत की सबसे बड़ी […]

नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तत्काल प्रभाव से बढ़ोतरी की है. कंपनी ने पेट्रोल के दाम ₹5 प्रति लीटर और डीजल के दाम ₹3 प्रति लीटर बढ़ाए हैं. यह फैसला अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती लागत के बीच लिया गया है.

नायरा एनर्जी भारत की सबसे बड़ी निजी ईंधन रिटेल कंपनियों में से एक है. मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती लागत और घरेलू स्तर पर पेट्रोलडीजल की मौजूदा खुदरा कीमतों के बीच अंतर कम करने के लिए यह कदम उठाया है.

तुरंत लागू हुई कीमत बढ़ोतरी

नई कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं. यानी नायरा के पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदने वाले ग्राहकों को अब पेट्रोल के लिए प्रति लीटर ₹5 और डीजल के लिए ₹3 ज्यादा भुगतान करना होगा.

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी से तेल कंपनियों की खरीद लागत पर दबाव बढ़ा है. ऐसे में नायरा ने घरेलू कीमतों में बदलाव किया है.

अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों का असर

भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है. इसलिए अंतरराष्ट्रीय क्रूड कीमतों में बदलाव का सीधा असर घरेलू ईंधन बाजार पर पड़ता है. इसके अलावा रुपये की विनिमय दर, रिफाइनिंग लागत और परिवहन खर्च भी पेट्रोलडीजल की कीमतों को प्रभावित करते हैं.

नायरा की यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब वैश्विक तेल बाजार में कीमतों को लेकर दबाव बना हुआ है. कंपनी का कहना है कि मौजूदा खुदरा कीमतों और अंतरराष्ट्रीय लागत के बीच अंतर को कम करना जरूरी हो गया है.

ग्राहकों पर क्या होगा असर?

पेट्रोल की कीमत में ₹5 और डीजल में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी का असर सीधे वाहन चालकों पर पड़ेगा. डीजल की कीमत बढ़ने से ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई की लागत पर भी असर पड़ सकता है. हालांकि, इसका व्यापक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि अन्य ईंधन कंपनियां अपनी कीमतों में बदलाव करती हैं या नहीं.

सरकारी कंपनियों का नुकसान

रेटिंग एजेंसी Icra ने पिछले महीने अनुमान लगाया था कि सितंबर में तेल मार्केटिंग कंपनियों को पेट्रोल पर लगभग 8 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 9 रुपए प्रति लीटर का नेगेटिव मार्केटिंग मार्जिन झेलना पड़ रहा था. एजेंसी ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और LPG से तेल मार्केटिंग कंपनियों को रोजाना लगभग 530 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा था, क्योंकि कच्चे तेल की ज्यादा कीमतों और घरेलू फ्यूल की कीमतों में बदलाव न होने से उनके मुनाफे और कैश फ्लो पर असर पड़ा.

Icra ने कहा कि तेल मार्केटिंग कंपनियों के रिफाइनिंग और मार्केटिंग ऑपरेशन तब ‘ब्रेकईवन’ की स्थिति में होते हैं जब कच्चे तेल की कीमत 85 डॉलर से 90 डॉलर प्रति बैरल के बीच होती है. अगर उसी हिसाब से रिटेल कीमतें नहीं बढ़ाई गईं, तो कच्चे तेल की ज्यादा कीमतों के कारण मार्केटिंग में नुकसान हो सकता है.

नयारा गुजरात के वाडिनार में सालाना 20 मिलियन टन क्षमता वाली रिफ़ाइनरी चलाती है और देश भर में उसके 7,000 से ज्यादा फ्यूल स्टेशन हैं. कीमतों में हालिया बढ़ोतरी से प्राइवेट और सरकारी फ्यूल आउटलेट्स के बीच कीमतों का अंतर बढ़ सकता है. अगर दूसरे रिटेलर भी कीमतें बढ़ाते हैं, तो फ्यूल की ज्यादा कॉस्ट का असर माल ढुलाई के खर्च, ऑपरेटिंग खर्च, घरेलू महंगाई और फ्यूल की मांग पर पड़ सकता है.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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