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IBAI की चेतावनी: 10 लाख नौकरियों पर संकट! इरडा के नए प्रस्ताव से 70% घटेगी इनकम​

भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण की इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम में बदलाव की प्रस्तावित योजना से मध्यस्थों की आय 70 प्रतिशत तक घट सकती है और 10 लाख नौकरियां जा सकती हैं. इंश्योरेंस ब्रोकर एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने मंगलवार को यह बात कही. संघ ने चेतावनी दी कि रीकैलिब्रेटिंग इकॉनमिक्स ऑफ इंश्योरेंस डिस्ट्रिब्यूशन शीर्षक वाले […]

भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण की इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम में बदलाव की प्रस्तावित योजना से मध्यस्थों की आय 70 प्रतिशत तक घट सकती है और 10 लाख नौकरियां जा सकती हैं. इंश्योरेंस ब्रोकर एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने मंगलवार को यह बात कही. संघ ने चेतावनी दी कि रीकैलिब्रेटिंग इकॉनमिक्स ऑफ इंश्योरेंस डिस्ट्रिब्यूशन शीर्षक वाले परामर्श पत्र में दिए गए प्रस्तावों को लागू करने से बीमा कंपनियों में भी नौकरियां जा सकती हैं. इससे बीमा क्षेत्र की पहुंच बढ़ाने के दीर्घकालिक लक्ष्य को भी नुकसान पहुंच सकता है. आईबीएआई में 800 से अधिक सदस्य हैं.

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— ANI October 6, 2026

23 सितंबर लाया गया था परामर्श पत्र

इरडा ने 23 सितंबर को यह परामर्श पत्र जारी किया था. इसके बाद बीमा कंपनियों और मध्यस्थों पर पड़ने वाले असर को लेकर व्यापक चिंता जताई गई. यह नीति ग्राहकों के हित में बीमा क्षेत्र में बदलाव लाने के उद्देश्य से लाई गई है. परामर्श पत्र में बीमा वितरण, उसकी संरचना, खर्च, कमीशन, बाजार आचरण, पारदर्शिता और डिजिटल बुनियादी ढांचे के इस्तेमाल से जुड़े व्यापक सुधारों का ढांचा पेश किया गया है. आईबीएआई के निदेशक पवनजीत सिंह ढींगरा ने यहां संवाददाताओं से कहा कि उद्योग की आय 70 प्रतिशत तक घट जाएगी और इन प्रस्तावों से 10 लाख नौकरियां जाने की आशंका है.

समय बढ़ाने की मांग

उन्होंने कहा कि सुझाव देने के लिए तय समय बहुत कम है और इसे दो महीने से अधिक बढ़ाकर इस साल दिसंबर तक किया जाना चाहिए. परामर्श पत्र जारी होने के बाद इरडा के प्रमुख अजय सेठ ने प्रस्तावित बदलावों का बचाव करते हुए बीमा कंपनियों द्वारा अर्जित अत्यधिक कमीशन का हवाला दिया था. आईबीएआई के अधिकारियों ने कहा कि वे विनियामक के प्रस्ताव के उद्देश्यों से सहमत हैं, लेकिन संगठन शुक्रवार को इरडा के साथ बैठक कर अपनी चिंताएं रखेगा.

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संपादकीय टीम

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