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अडानी पावर की भूटान में बड़ी डील: 770 MW प्रोजेक्ट के लिए समझौता, सर्दियों में भूटान तो गर्मियों में भारत को मिलेगी बिजली|​

अडानी ग्रुप को भूटान में एक और बड़ा प्रोजेक्ट मिला है। अडानी पावर ने भूटान में 770 मेगावाट के चामखारछूI हाइड्रोलिक प्रोजेक्ट के लिए वहां की सरकारी कंपनी ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के साथ एक एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं। इस प्रोजेक्ट में अडानी पावर की 49 फीसदी हिस्सेदारी होगी, जबकि 51 फीसदी हिस्सेदारी […]

अडानी ग्रुप को भूटान में एक और बड़ा प्रोजेक्ट मिला है। अडानी पावर ने भूटान में 770 मेगावाट के चामखारछूI हाइड्रोलिक प्रोजेक्ट के लिए वहां की सरकारी कंपनी ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के साथ एक एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं। इस प्रोजेक्ट में अडानी पावर की 49 फीसदी हिस्सेदारी होगी, जबकि 51 फीसदी हिस्सेदारी स्थानीय कंपनी डीजीपीसी के पास रहेगी।

यह प्रोजेक्ट अडानी ग्रुप और भूटान सरकार के बीच 5,000 मेगावाट हाइड्रोपावर विकास के लिए हुई रणनीतिक साझेदारी का ही हिस्सा है। दोनों पार्टनर्स के बीच मई 2025 में 5,000 मेगावाट हाइड्रोपावर डेवलपमेंट के लिए एमओयू साइन हुआ था। ChamkharchhuI इस पार्टनरशिप के तहत दूसरा बड़ा हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट है। इससे पहले सितंबर 2025 में 570 मेगावाट के वांगचू हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के लिए दोनों कंपनियों के बीच समझौता हुआ था।

प्रोजेक्ट की लोकेशन और कमीशनिंग

ChamkharchhuI प्रोजेक्ट मध्य भूटान के जेमगांग जिले में चामकारछू नदी पर स्थित है। यह नदी भूटान के मध्यउत्तरी भाग में स्थित बुमथांग घाटी से होकर बहती है। इस प्रोजेक्ट को ‘बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर’ मॉडल पर लागू किया जाएगा। इसका निर्माण कार्य 2027 की पहली छमाही में शुरू होने और काम शुरू होने के छह साल बाद इसे कमीशन करने का लक्ष्य रखा गया है।

साइनिंग सेरेमनी और अधिकारियों का बयान

समझौते के दौरान आयोजित साइनिंग सेरेमनी में भूटान के प्रधानमंत्री ल्योन्चेन दाशो शेरिंग तोबगे भी शामिल हुए।

इस अवसर पर अडानी पावर लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल सरदाना ने कहा, “साउथ एशिया में एनर्जी ट्रांजिशन को तेजी देने में हाइड्रोपावर अहम भूमिका निभाएगा। यह प्रोजेक्ट एनर्जी सिक्योरिटी बढ़ाने, कार्बन उत्सर्जन कम करने और सस्टेनेबिलिटी के साझा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में बड़ा योगदान देगा।”

भारत और भूटान दोनों को होगा फायदा

अनिल सरदाना ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से सर्दियों के मौसम में भूटान की बिजली की पीक डिमांड को पूरा करने में मदद मिलेगी। वहीं, गर्मियों के महीनों में बनने वाली अतिरिक्त ग्रीन पावर को भारत को एक्सपोर्ट किया जा सकेगा। इससे लंबे समय तक भारत और भूटान दोनों ही देशों को फायदा होगा।

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संपादकीय टीम

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