Amroha News: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में अपनी पहली जेल के निर्माण का रास्ता अब साफ होता नजर आ रहा है. जेल के लिए मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर के दायरे में 24.52 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की गई है. यह जमीन जोया ब्लॉक क्षेत्र के चुबका, रसूलपुर और डिडौली गांवों के किसानों की बताई जा रही है. जमीन चिन्हित होने के बाद अब खरीद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी है.

अमरोहा में अभी जिला जेल नहीं है। ऐसे में जिले में गिरफ्तार होने वाले आरोपियों और न्यायिक हिरासत में भेजे जाने वाले बंदियों को मुरादाबाद जिला कारागार भेजना पड़ता है. अपनी जेल की लंबे समय से चली आ रही मांग के बीच अब जमीन चिन्हित होने से इस परियोजना के आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है.
चार साल से कोषागार में रखे हैं 17 करोड़
जेल निर्माण के लिए जमीन खरीदने की प्रक्रिया में सबसे अहम बात यह है कि सरकार की ओर से करीब 17 करोड़ रुपये वर्ष 2022 से ही कोषागार में उपलब्ध हैं. इसके बावजूद जमीन खरीद की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है. प्रस्ताव तैयार नहीं होने के कारण यह राशि अब तक इस्तेमाल नहीं की जा सकी है. रिपोर्ट के मुताबिक जमीन खरीद के लिए मुरादाबाद जिला कारागार के अधिकारियों की ओर से भूमि प्रस्ताव तैयार किया जाना है. प्रशासन की ओर से इस संबंध में कई बार पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया में देरी हो रही है.
2016 में भी चिन्हित हुई थी जमीन
अमरोहा में जेल बनाने की योजना नई नहीं है. इससे पहले वर्ष 2016 में मीरा सराय के जंगल में करीब 300 बीघा जमीन चिन्हित की गई थी. उस समय जमीन की कीमत बढ़ने और किसानों की असहमति के चलते मामला आगे नहीं बढ़ सका. इसके बाद वर्ष 2022 में जेल के लिए दोबारा जमीन तलाशने की प्रक्रिया शुरू की गई. अलगअलग स्थानों पर जमीन की उपलब्धता और अन्य मानकों को देखने के बाद अब जोया ब्लॉक क्षेत्र के चुबका, रसूलपुर और डिडौली गांवों में 24.52 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की गई है.
जमीन चिन्हांकन का काम जारी
प्रशासन के स्तर पर अब चिन्हित जमीन के गाटों का विवरण तैयार करने और उनका चिन्हांकन करने की प्रक्रिया चल रही है. तहसील स्तर पर जमीन से संबंधित रिकॉर्ड और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं. प्रशासन की ओर से मुरादाबाद जिला कारागार के अधिकारियों से जल्द भूमि प्रस्ताव तैयार करने के लिए पत्राचार किया गया है. प्रस्ताव तैयार होने के बाद जमीन खरीद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा.
बंदियों को नहीं भेजना पड़ेगा मुरादाबाद
नई जेल का निर्माण होने के बाद अमरोहा के बंदियों को मुरादाबाद जिला कारागार भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे पुलिस और प्रशासन को भी बंदियों को दूसरे जिले की जेल तक ले जाने की प्रक्रिया से राहत मिलेगी. फिलहाल परियोजना की सबसे बड़ी चुनौती जमीन खरीद की प्रक्रिया को पूरा करना है. सरकार की ओर से धनराशि पहले से उपलब्ध होने के बावजूद प्रस्ताव और भूमि अधिग्रहण/खरीद से जुड़ी औपचारिकताओं में देरी हुई है. अब 24.52 हेक्टेयर जमीन चिन्हित होने के बाद प्रशासन की कोशिश है कि प्रस्ताव तैयार कर आगे की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए.