Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार के लिए नया हफ्ता बड़ी राहत लेकर आया. पिछले हफ्ते तक लगातार बिकवाली झेल रहे घरेलू बाजार ने सोमवार को शानदार बढ़त के साथ शुरुआत की. बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों ही हरे निशान में खुले. पिछले 25 सालों में बाजार ने लगातार गिरावट का इतना लंबा दौर कभी नहीं देखा था, लेकिन आज की शुरुआत ने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी. सुबह के शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स में 400 से ज्यादा अंकों का उछाल देखने को मिला. शुक्रवार को सार्वजनिक अवकाश के कारण बाजार बंद रहा था, जिसके बाद आज पहले ही मिनट से लिवाली का जोरदार माहौल बना.

शुरुआती कारोबार में दिखा जोरदार उछाल
कारोबारी हफ्ते के पहले दिन सुबह 9:15 बजे जैसे ही ट्रेडिंग शुरू हुई, सेंसेक्स 400 अंकों से ज्यादा चढ़ गया. इससे पहले सुबह गिफ्ट निफ्टी फ्यूचर्स 22,639 अंकों पर कारोबार कर रहा था. ये संकेत साफ बता रहे थे कि निफ्टी 50 मजबूत शुरुआत करने जा रहा है. गुरुवार को निफ्टी 22,421.95 के स्तर पर बंद हुआ था. शुक्रवार की छुट्टी के बाद जब सोमवार को सौदे शुरू हुए, तो बेंचमार्क इंडेक्स ने तुरंत अच्छी बढ़त बना ली. बीते हफ्ते बाजार पर भारी दबाव था. सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार आठ हफ्तों से गिरावट दर्ज की जा रही थी. 25 साल के लंबे इतिहास में ये पहला मौका था जब गिरावट का सिलसिला इतना लंबा खिंचा. आज की तेजी ने इस नकारात्मक सिलसिले पर ब्रेक लगा दिया.
ग्लोबल संकेतों से मिला बड़ा सहारा
इस तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत हैं. अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर जो डर बना हुआ था, वो अब कुछ कम होता दिख रहा है. हाल ही में आए अमेरिकी रोजगार के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे हैं. इस वजह से अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा इस महीने दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की संभावना काफी घट गई है. बाजार के दो बड़े ट्रेडर्स के अनुसार अक्टूबर में फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना अब 25 प्रतिशत से भी नीचे आ चुकी है. इससे भारत समेत उभरते बाजारों की संपत्तियों को बड़ा सहारा मिला है.
इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने भी बाजार को मजबूती दी. सोमवार को ब्रेंट क्रूड 0.6 प्रतिशत फिसलकर 101.6 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. मिडिल ईस्ट से तेल का निर्यात बढ़ने और जी7 देशों द्वारा साझा तौर पर तेल भंडार जारी करने से नजदीकी सप्लाई की चिंताएं कम हुई हैं. दूसरे एशियाई शेयर बाजारों में भी 0.2 प्रतिशत की बढ़त रही, जिससे घरेलू निवेशकों का हौसला बढ़ा.
विदेशी बिकवाली बनाम घरेलू खरीदारी
बाजार में आई इस मजबूती के बीच विदेशी और घरेलू निवेशकों का रुख बिल्कुल अलग रहा. गुरुवार के प्रोविजनल आंकड़ों के अनुसार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने लगातार छठे कारोबारी सत्र में शुद्ध बिकवाली की. विदेशी निवेशकों ने उस दिन 94.84 अरब रुपये के शेयर बेचे. दूसरी तरफ, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने मोर्चा संभाले रखा. घरेलू फंड्स ने 100.42 अरब रुपये की जोरदार खरीदारी की. बाजार विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय बाजार में ये तेजी तभी टिक पाएगी, जब कच्चे तेल के दाम और नीचे आएं तथा विदेशी निवेशकों की बिकवाली पर लगाम लगे.
एचडीएफसी बैंक में बड़ा नेतृत्व बदलाव
कंपनियों के स्तर पर बात करें तो देश के सबसे बड़े प्राइवेट लेंडर एचडीएफसी बैंक पर निवेशकों की खास नजर है. बैंक ने अनूप बागची को तीन साल के कार्यकाल के लिए अपना नया सीईओ नियुक्त किया है. अनूप बागची वर्तमान में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ हैं. एचडीएफसी बैंक के इतिहास में ये पहला मौका है जब किसी बाहरी उम्मीदवार को बैंक की कमान सौंपी गई है. इस बड़े फैसले के बाद बैंक के शेयरों में अच्छी हलचल रहने की उम्मीद है.