आठवें केंद्रीय वेतन आयोग ने घोषणा की है कि वह 22 और 23 जून, 2026 को लखनऊ, उत्तर प्रदेश का दौरा करेगा, ताकि केंद्रीय सरकारी संगठनों, संस्थानों, यूनियनों और संघों सहित हितधारकों के साथ बातचीत कर सके. 21 मई, 2026 को जारी एक आधिकारिक नोटिस के अनुसार, जो इच्छुक हितधारक लखनऊ दौरे के दौरान 8वें वेतन आयोग से मिलना चाहते हैं, वे 10 जून, 2026 को या उससे पहले 8वें CPC की आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए निर्धारित ऑनलाइन लिंक के माध्यम से मुलाकात के लिए अनुरोध जमा कर सकते हैं. आयोग ने आवेदकों से यह भी कहा है कि वे 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपना ज्ञापन (memorandum) जमा करने के बाद प्राप्त ‘यूनिक मेमो ID’ भी जमा करें.

कौन आवेदन कर सकता है?
नोटिस में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में स्थित केंद्रीय सरकारी संगठन, संस्थान, यूनियन और संघ, जो इस दौरे के दौरान आयोग के साथ बातचीत करने में रुचि रखते हैं, वे मुलाकात के लिए आवेदन कर सकते हैं. 8वें CPC ने अपने बयान में कहा कि बैठक स्थल का विवरण और बैठकों का अंतिम कार्यक्रम बाद में चुने गए हितधारकों के साथ साझा किया जाएगा.
इन्हें वेट करने को बोला गया
आयोग ने स्पष्ट किया कि अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग से बैठकें बाद के फेज में आयोजित की जाएंगी. इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के हितधारकों को सलाह दी गई है कि वे लखनऊ दौरे के दौरान मुलाकात के लिए अनुरोध न करें.
जून 2026 के लिए 8वें CPC की बैठकों का कार्यक्रम
आठवां केंद्रीय वेतन आयोग 1 जून से 4 जून, 2026 तक श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर का दौरा करेगा, ताकि हितधारकों के साथ बातचीत कर सके. आठवां केंद्रीय वेतन आयोग 8 जून, 2026 को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का दौरा करेगा, ताकि हितधारकों के साथ बातचीत कर सके.
Khabar Monkey
8वां वेतन आयोग क्यों महत्वपूर्ण है?
आठवें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन भारत सरकार द्वारा केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन ढांचे, भत्तों और पेंशन लाभों की समीक्षा करने के लिए किया गया था. आयोग की सिफारिशों से पूरे देश में लाखों कर्मचारियों और सेवानिवृत्त लोगों के प्रभावित होने की उम्मीद है. 8वें वेतन आयोग के पास अपनी सिफारिशों की रिपोर्ट जमा करने के लिए 18 महीने की समय सीमा है.
8वें वेतन आयोग का क्या कार्यक्रम निर्धारित है?
- सरकार ने आयोग से कहा है कि वह Terms of Reference (ToR) जारी होने के 18 महीनों के भीतर अपनी रिपोर्ट जमा करे.
- अगर सिफारिशों वाली रिपोर्ट जमा करने में देरी होती है, तो आयोग एक अंतरिम रिपोर्ट भी जमा कर सकता है.
- कर्मचारी और पेंशनभोगी वेतन और पेंशन में होने वाले संभावित बदलावों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं.
8वां वेतन आयोग किन बातों पर विचार करेगा?
नवंबर 2025 में जारी 8वें CPC के Terms of Reference (ToR) के अनुसार, यह इन बातों पर विचार करेगा-
- भारत की आर्थिक स्थिति और राजकोषीय अनुशासन
- कल्याण और विकास कार्यों पर खर्च के लिए फंड की उपलब्धता
- पेंशन योजनाओं का वित्तीय बोझ
- राज्य सरकारों के वित्त पर पड़ने वाला असर
- CPSU और निजी क्षेत्र में मौजूदा वेतन संरचनाएं
- विभिन्न क्षेत्रों में सेवा शर्तें और कर्मचारियों को मिलने वाले लाभ





