Muzaffarpur Crime News: मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा थाना क्षेत्र स्थित रामबाग चौरी इलाके में पंजाब नेशनल बैंक के 75 वर्षीय सेवानिवृत्त कैशियर अशोक कुंवर और उनकी 70 वर्षीया पत्नी नीलम कुंवर की हत्या के मामले में पुलिस के हाथ कई अहम सुराग लगे हैं. पुलिस जांच में सामने आ रहा है कि हत्यारों ने बहुत ही शातिराना अंदाज में साजिश रची थी. मकान के अंदर ही दंपति को मार डालने के लिए मुख्य शूटर को किराएदार बनाकर घर में प्रवेश कराया गया था.

पुलिस ने जब घर में काम करने वाली दाई और अन्य किरायेदारों से पूछताछ की तो नए किराएदार की संदिग्ध गतिविधियों का पता चला. 18 जुलाई को आए नए किराएदार ने मकान मालिक को बताया था कि उसकी पत्नी गर्भवती है और दो दिन बाद बच्चों के साथ यहां आएगी. वह सिर्फ एक झोला लेकर कमरे में ठहरा था. CCTV फुटेज में दिखा कि बाद में उसका एक और साथी आया. 20 जुलाई की शाम करीब 4 बजे आरोपी ने रिटायर्ड बैंककर्मी को कुछ पैसे और कागजात दिए. इसके तुरंत बाद ही दंपती की बेरहमी से हत्या कर दी गई.
बेंगलुरु से बेटे ने CCTV पर लाइव देखा खौफनाक मंजर
मृतक दंपति का सॉफ्टवेयर इंजीनियर बेटा निखिल कुमार बेंगलुरु में रहता है. सोमवार शाम जब उसने अपने मोबाइल पर घर के CCTV कैमरों का लाइव एक्सेस खोला, तो उसके होश उड़ गए. निखिल ने देखा कि घर में 23 अज्ञात लोग घूम रहे हैं और उसकी मां नीलम बदहवास होकर छत की तरफ भाग रही हैं. बेटे के कहने पर जब पड़ोसी अमित कुंवर घर पहुंचे, तो पहली मंजिल पर पिता अशोक कुंवर का शव खून से लथपथ मिला. वहीं दूसरी मंजिल पर मां नीलम का शव मिला, जिनके हाथपैर बंधे थे और मुंह पर सेलोटेप चिपकाकर गला घोंटा गया था.
पहचान मिटाने के लिए ले गया पहचान पत्र, लूट की नीयत नहीं
वारदात के बाद आरोपी साक्ष्य मिटाने के लिए दंपती के मोबाइल और अपना पहचान पत्र भी साथ ले गया. अशोक कुंवर किराएदार रखने से पहले हमेशा पहचान पत्र लेते थे. पुलिस को बाकी सभी किरायेदारों के पहचान पत्र मिले हैं, लेकिन नए किराएदार का पहचान पत्र गायब है. घर से लूटपाट के स्पष्ट प्रमाण न मिलने के कारण पुलिस मान रही है कि नजदीकी या परिचितों ने ही संपत्ति विवाद में कांट्रैक्ट किलर को सुपारी दी थी.
शहर के पुराने मर्डर पैटर्न से मिलतीजुलती साजिश
पुलिस के अनुसार, इस घटना का पैटर्न 31 मई को शहर के छोटी कल्याणी अमर सिनेमा रोड स्थित अपार्टमेंट में हुई शूटर गोविंद की हत्या से हूबहू मिलता है. उस वारदात में भी कांट्रैक्ट किलर को अपार्टमेंट में किराएदार बनाकर ठहराया गया था. फिलहाल, मुजफ्फरपुर पुलिस की एसआईटी , एसटीएफ, डीआईयू और सर्विलांस टीमें संदिग्ध किराएदार और साजिशकर्ताओं की तलाश में समस्तीपुर, दरभंगा और अन्य संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं. . फिलहाल, छह संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है.