उत्तर प्रदेश में विजिलेंस की टीम ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ललित कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. ललित कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत पहले से मामला दर्ज था. सोमवार, 13 जुलाई 2026 को उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया.

विजिलेंस के अनुसार, ललित कुमार आगरा में एआरटीओ के पद पर तैनात रह चुके हैं. उनके खिलाफ आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायतों के आधार पर लंबे समय से जांच चल रही थी. जांच के क्रम में 7 और 8 जुलाई को सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने लखनऊ स्थित उनके आवास पर तलाशी अभियान चलाया था.
विजिलेंस ने जब्त किए संपत्ती से जुड़े दस्तावेज
छापेमारी के दौरान टीम को भारी मात्रा में नकदी, सोने और चांदी के बिस्किट, बहुमूल्य आभूषण तथा चलअचल संपत्तियों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले. इसके अलावा 15 संपत्तियों के दस्तावेज, दो कारें और एक रिवॉल्वर भी बरामद की गई. जांच के दौरान विभिन्न बैंकों, डाकघर, म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट से संबंधित निवेश के अभिलेख भी मिले हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है.
विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान ललित कुमार अपनी संपत्तियों और निवेश के संबंध में आय के वैध स्रोतों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके. उन पर जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं करने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न कराने का भी आरोप है. इसी आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया.
वित्तीय रिकॉर्ड खंगाल रही विजिलेंस
विजिलेंस की टीम अब बरामद दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि संपत्तियां किस प्रकार अर्जित की गईं और उनमें किनकिन लोगों की भूमिका रही. अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई. विजिलेंस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और बरामद संपत्तियों, बैंक खातों तथा निवेश से जुड़े सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.