भारत का ऑनलाइन खुदरा बाजार 2026 में 90 अरब अमेरिकी डॉलर के पार पहुंचने का अनुमान है. इसमें सालाना 2224 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज होने की उम्मीद है, जो पांच साल में सबसे तेज होगी. इस वृद्धि का प्रमुख कारण मोबाइल फोन के बजाय किराना जैसे रोजमर्रा की जरूरतों वाले उत्पादों की बढ़ती मांग है. रेडसीर स्ट्रेटजी कंसल्टेंट्स की एक रिपोर्ट में यह कहा गया. विश्लेषण के अनुसार ईकॉमर्स सकल वस्तु मूल्य 2026 की पहली छमाही में सालाना आधार पर लगभग 25 प्रतिशत बढ़कर लगभग 38 अरब डॉलर हो गया, जो चार वर्षों में इसका सबसे मजबूत छमाही प्रदर्शन है.

ऑनलाइन खुदरा कारोबार में तेजी आने के बीच पहली छमाही के दौरान मोबाइल की बिक्री स्थिर रही और कीमतों में तेज बढ़ोतरी के कारण बिक्री की मात्रा सीमित रहने से पूरे वर्ष में इसके केवल 23 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है. ऐसे में फैशन के बाद किराना खंड भारतीय ईकॉमर्स में मोबाइल फोन को पीछे छोड़कर दूसरा सबसे बड़ा वर्ग बनने के लिए तैयार है. रिपोर्ट में कहा गया कि किराना, सौंदर्य और व्यक्तिगत देखभाल तथा गृह सज्जा और फर्नीचर 2026 में कुल ऑनलाइन खुदरा जीएमवी का लगभग 40 प्रतिशत होंगे.
अकेले ग्रोसरी का योगदान कुल अतिरिक्त GMV में लगभग एक तिहाई रहने का अनुमान है. पूरे साल के दौरान इसमें 5053 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे इसका मार्केट शेयर 2025 के 16 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 19 प्रतिशत हो जाएगा. मोबाइल, जिनका पिछले साल कुल बिक्री में लगभग 19 प्रतिशत हिस्सा था, उनका मार्केट शेयर घटकर लगभग 16 प्रतिशत रह जाने का अनुमान है.
क्या है उछाल के कारण?
BPC सेगमेंट में 3639 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है, जबकि होम और फर्नीचर सेगमेंट में 2026 के दौरान 3134 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है. इसके विपरीत, इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट में 2025 की इसी अवधि में 5 फीसदी की गिरावट के बाद, 2026 की पहली छमाही में 22 फीसदी की जोरदार वापसी देखने को मिली. रेडसीर के अनुसार, इस उछाल के पीछे कई कारण थे: सितंबर 2025 में बड़े उपकरणों पर GST को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करना, ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी स्टार रेटिंग में बदलाव के कारण एयर कंडीशनर पर भारी छूट मिलना, LPG की कमी के चलते इंडक्शन कुकटॉप की मांग में 200300 प्रतिशत का उछाल आना, और भविष्य में कंपोनेंट्स की कीमतें बढ़ने की आशंका के चलते लोगों द्वारा पहले ही लैपटॉप खरीद लेना.
ऑनलाइन सेल में 25 फीसदी का इजाफा
दूसरी छमाही में इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट की वृद्धि दर सामान्य होकर 1215 प्रतिशत पर आ जाने की उम्मीद है. दीवाली से पहले के 3035 दिनों के दौरान, ऑनलाइन सेल में पिछले साल की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है. इससे कुल बिक्री 1516 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकती है, जो पिछले पांच वर्षों में त्योहारी सीजन के दौरान दर्ज की गई सबसे बड़ी वृद्धि होगी. रेडसीर को उम्मीद है कि ग्रोसरी, BPC , होम एंड फर्नीचर और जनरल मर्चेंडाइज में त्योहारी सीजन से पहले देखी गई तेजी, त्योहारी सीजन के दौरान भी बनी रहेगी.
अनुमान है कि ग्रोसरी में 4850%, BPC में 3540% और होम एंड फर्नीचर में 3235% की ग्रोथ होगी, जबकि मोबाइल के मामले में यह ग्रोथ 57% रहने की उम्मीद है. रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि रेडसीर का अनुमान है कि इस साल त्योहारी GMV में मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स की संयुक्त हिस्सेदारी आधी से भी कम रह जाएगी. हमारे हिसाब से यह 51 फीसदी से घटकर 46 फीसदी हो सकती है, क्योंकि कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण इनकी बिक्री की मात्रा कम रहेगी.