शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 ब्रेकिंग
श्रद्धा दुबे की जेल में पहली रात कैसी गुजरी? मच्छरों ने किया परेशान, बेचैन दिखीं दोनों बहनें​ | भाई सेना में, बहन दारोगा… हत्या के बाद 3 दिन घर में रखा रहा किसान का शव, क्यों नहीं हुआ अंतिम संस्कार?​ | Imran Masood Detained: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद हिरासत में, जामिया में छात्रों के प्रदर्शन में पहुंचे थे​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

स्किन सीरम आखिर इतने महंगे क्यों होते हैं? जानें इसके पीछे का फंडा​

अब सिर्फ GenZ ही नहीं, मिलिनियल्स और अल्फा जनरेशन के बीच भी सीरम लगाने का ट्रेंड बढ़ रहा है. बाजार में एक ही तरह का दावा करने वाले सीरम की कीमत कुछ सौ रुपये से लेकर हजारों रुपये तक होती है. एक ही तत्व जैसे नियासिनामाइड वाली छोटी सी शीशी अलगअलग कीमतों में मिलती है. […]

अब सिर्फ GenZ ही नहीं, मिलिनियल्स और अल्फा जनरेशन के बीच भी सीरम लगाने का ट्रेंड बढ़ रहा है. बाजार में एक ही तरह का दावा करने वाले सीरम की कीमत कुछ सौ रुपये से लेकर हजारों रुपये तक होती है. एक ही तत्व जैसे नियासिनामाइड वाली छोटी सी शीशी अलगअलग कीमतों में मिलती है. कई बार इनकी कीमत में जमीन और आसमान का अंतर होता है. अब सवाल है कि मात्र 20 से 30ml सीरम की कीमत हजारों में कैसे पहुंच जाती है और ऐसा क्या होता है इसमें जो इसे महंगा बनाने का काम करता है.

सीरम वॉटर या ऑयल बेस्ड एक लिक्विड होता है. यह आसानी से त्वचा की परतों तक एक्टिव तत्व पहुंचाने में मदद करता है. इसकी कीमत का एक बड़ा कारण बोतल में एक्टिव तत्वों की ज्यादा मात्रा है. यानी विटामिन सी, हायलूरोनिक एसिड या रेटिनॉल जैसे इंग्रीडिएंट इसकी कीमत को बढ़ाते हैं. अब जानते हैं कि इसका पूरा फंडा क्या है.

सीरम इतना महंगा क्यों होता है?

मॉइश्चराइजर या क्रीम के मुकाबले सीरम की कीमत इतनी ज्यादा क्यों है, इस पर ओटेरिया के फाउंडर विभोर रस्तोगी कहते हैं, सीरम की कीमत केवल उसके लेबल पर लिखी सामग्री तक सीमित नहीं होती. यह उसमें इस्तेमाल होने वाले रॉ मैटिरियल यानी कच्चे माल की गुणवत्ता, फॉर्मूलेशन और एक असरदार प्रोडक्ट बनाने के लिए जरूरी रिसर्च और टेस्टिंग पर भी निर्भर रहता है.

अलगअलग स्किन प्रॉब्लम्स में लिए सीरम भी अलग होते हैं.

आमतौर पर मॉइस्चराइजर त्वचा को हाइड्रेट करने के लिए होते हैं, लेकिन सीरम अक्सर स्किन की खास प्रॉब्लम जैसे फाइन लाइन्स, असमान स्किन टोन को दूर करने करते हैं. ये स्किन का लचीलेपन बढ़ाते हैं ताकि इंसान ज्यादा जवां दिख सके.

सीरम स्किन की फाइन लाइंस को घटाते हैं.

उदाहरण के लिए, हयालूरोनिक एसिड का इस्तेमाल नमी को बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है, लेकिन इसके सभी रूप एक जैसे नहीं होते. ‘लो मॉलिक्यूलर वेट’ हयालूरोनिक एसिड का आकार छोटा होता है और त्वचा के साथ इसकी प्रतिक्रिया करने का तरीका ‘हाई मॉलिक्यूलर वेट’ रूपों से अलग होता है. इसे कहां से हासिल किया गया है, इसकी क्वालिटी और फॉर्मूलेशन भी इसकी कुल कीमत पर असर डाल सकते हैं. हालांकि केवल मॉलिक्यूलर वेट ही इसकी प्रभावशीलता तय नहीं करता.

इसी तरह, सेरामाइड्स खासकर मल्टीसेरामाइड कॉम्प्लेक्स फॉर्मूलेशन के महत्वपूर्ण फैक्टर हैं, जो त्वचा के लिपिड्स को फिर से भरने और स्किन बैरियर को मजबूत करने में मदद करते हैं. इनकी संरचना और अन्य सामग्रियों के साथ इनका तालमेल, फॉर्मूलेशन, लागत को बढ़ा सकता है.

पॉलीपेप्टाइड्स स्किनकेयर सामग्री का एक और बड़ा फैक्टर है, जिनका इस्तेमाल बढ़ती उम्र के दिखने वाले निशानों को कम करने वाले फॉर्मूलेशन में किया जाता है. कुछ पेप्टाइड्स पर रिसर्च चल रही है कि क्या वे चेहरे के हावभाव से बनने वाली रेखाओं यानी ‘एक्सप्रेशन लाइन्स’ को प्रभावित कर सकते हैं. यह तरीका इंजेक्टेबल बोटुलिनम टॉक्सिन से अलग है.

सामग्री के चयन के अलावा, फॉर्मूलेशन की स्थिरता, सामग्रियों का आपस में तालमेल, डिलीवरी सिस्टम, पैकेजिंग, सुरक्षा जांच और मैन्युफैक्चरिंग स्टैंडर्ड मिलकर सीरम की अंतिम कीमत तय करते हैं.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY