केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज (DFS) ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने पब्लिक सेक्टर बैंकों के साथ मिलकर नया कॉम्पोजिट सैलरी अकाउंट पैकेज लॉन्च किया है। इस नई स्कीम का मकसद सरकारी कर्मचारियों को एक ही अकाउंट के जरिए बैंकिंग, बीमा और डिजिटल सुविधाएं देना है।

क्या है कॉम्पोजिट सैलरी अकाउंट पैकेज?
यह एक खास सैलरी अकाउंट पैकेज है, जिसे केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए तैयार किया गया है। इसमें बैंकिंग सुविधाओं के साथ बीमा और कार्ड से जुड़े कई बड़े फायदे दिए जाएंगे। सरकार का कहना है कि यह योजना विकसित भारत 2047 और इंश्योरेंस फॉर ऑल मिशन के तहत शुरू की गई है। यह पैकेज ग्रुप A, B और C सभी श्रेणी के कर्मचारियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
Khabar Monkey
बैंकिंग सुविधाओं में क्या मिलेगा?
इस नए पैकेज के तहत कर्मचारियों को कई खास बैंकिंग सुविधाएं मिलेंगी। इनमें-
- जीरो बैलेंस सैलरी अकाउंट
- RTGS, NEFT और UPI जैसी सुविधाएं मुफ्त
- चेक बुक की सुविधा
- होम लोन, एजुकेशन लोन, वाहन और पर्सनल लोन पर कम ब्याज दर
- लोन प्रोसेसिंग फीस में छूट
- लॉकर किराए में राहत
- फैमिली बैंकिंग बेनिफिट्स
सरकार का दावा है कि इससे कर्मचारियों को बैंकिंग सर्विस का बेहतर एक्सपीरिएंस मिलेगा।
बीमा कवर भी होगा बड़ा
इस पैकेज की सबसे बड़ी खासियत इसका इंश्योरेंस कवर है। कर्मचारियों को कई तरह के बीमा लाभ दिए जाएंगे, जैसे-
- ₹1.5 करोड़ तक का पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस
- ₹2 करोड़ तक का एयर एक्सीडेंट कवर
- स्थायी विकलांगता पर ₹1.5 करोड़ तक का कवर
- ₹20 लाख तक का टर्म लाइफ इंश्योरेंस
- कर्मचारी और परिवार के लिए हेल्थ इंश्योरेंस सुविधा
इसके अलावा जरूरत पड़ने पर एक्स्ट्रा प्रीमियम देकर बीमा कवर बढ़ाने की सुविधा भी मिलेगी।
कार्ड और डिजिटल सुविधाएं भी खास
सरकारी कर्मचारियों को डेबिट और क्रेडिट कार्ड पर कई ज्यादा फायदे मिलेंगे। इनमें एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस, रिवॉर्ड पॉइंट्स, कैशबैक ऑफर और अनलिमिटेड ट्रांजैक्शन जैसी सुविधाएं शामिल हैं। साथ ही अकाउंट में कोई मेंटेनेंस चार्ज भी नहीं लगेगा।
कर्मचारियों को कैसे मिलेगा फायदा?
सरकार का कहना है कि इस स्कीम से कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा और बेहतर बैंकिंग अनुभव मिलेगा। DFS ने सभी सरकारी बैंकों को निर्देश दिया है कि वे इस योजना का व्यापक प्रचार करें और कर्मचारियों को इसके बारे में जानकारी दें। इसके साथ ही पुराने सैलरी अकाउंट को भी कर्मचारियों की सहमति से इस नए पैकेज में बदला जा सकेगा।





