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Pishach Yog: कुंडली में पिशाच योग हो तो दर-दर की ठोकरें खाता है व्यक्ति, बिना उपाय किए नहीं सुधरता जीवन

Pishach Yog: ज्योतिष में कुछ योग ऐसे बताए गए हैं, जिनका व्यक्ति के जीवन पर गहरा असर पड़ता है। इन्हीं में से एक है पिशाच योग, जिसे बेहद अशुभ योगों में गिना जाता है। कहते हैं कि किसी व्यक्ति की कुंडली में यह योग बन जाए, तो उसे मानसिक तनाव, आर्थिक और पारिवारिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में समय रहते इसके संकेतों को समझना और उपाय करना जरूरी है। चलिए जानते हैं आखिर क्या है पिशाच योग, इसके क्या प्रभाव होते हैं और इस अशुभ योग से छुटकारा पाने के आसान और असरदार उपाय क्या है। 

Pishach Yog: कुंडली में पिशाच योग हो तो दर-दर की ठोकरें खाता है व्यक्ति, बिना उपाय किए नहीं सुधरता जीवन
Pishach Yog: कुंडली में पिशाच योग हो तो दर-दर की ठोकरें खाता है व्यक्ति, बिना उपाय किए नहीं सुधरता जीवन

कैसे बनता है पिशाच योग

ज्योतिष के अनुसार पिशाच योग का निर्माण तब होता है, जब शनि, राहु और केतु जैसे पाप ग्रह विशेष स्थिति में आते हैं। अगर कुंडली में शनि के साथ राहु या केतु की युति केंद्र भाव यानी पहले, चौथे या सातवें घर में हो जाए तो यह योग बन सकता है। वहीं, अष्टम और द्वादश भाव में इन ग्रहों की स्थिति भी अशुभ मानी जाती है। इसके अलावा, गुरु-केतु और राहु-गुरु की युति को भी पिशाच योग के समान प्रभाव देने वाला कहा है।

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पड़ता है नकारात्मक असर

पिशाच योग व्यक्ति के मानसिक और आर्थिक जीवन को प्रभावित कर सकता है। इसके प्रभाव से व्यक्ति के मन में डर, असुरक्षा और नकारात्मक विचार बने रहते हैं। कई बार बिना वजह तनाव और बेचैनी महसूस होताजी है। जिस भाव में यह योग बनता है, उससे जुड़े शुभ फल कम होने लगते हैं। इसका असर करियर, धन, पारिवारिक रिश्तों और सामाजिक जीवन पर भी दिखाई दे सकता है। मेहनत के बावजूद सफलता देरी से मिलती है।

ये उपाय हैं लाभकारी

  1. पिशाच योग के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ माना गया है। मंगलवार और शनिवार को बजरंगबाण का पाठ करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
  2. शनिवार के दिन शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाना और शनि चालीसा पढ़ना भी लाभकारी होता है। जीवन से नकारात्मकता हटाने के लिए राहु मंत्र ‘ओम रां राहवे नमः’ का 108 बार जाप करें। 
  3. शनिवार को काले तिल, काला छाता या जरूरत की वस्तुएं गरीबों को दान करने से भी नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं। पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना और ‘ओम शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र जाप भी शुभ माना गया है।
  4. कुंडली में पिशाच योग है हो तो हर दिन शिव जी की पूजा करें और मंदिर जाकर शिवजी का अभिषेक करें। साथ ही 108 बार केतु मंत्र ‘ओम कें केतवे नमः’ का जाप करें। गणेश पूजा को भी विशेष फलदायी बताया है। 
  5. गुरुवार के दिन पीली वस्तुओं का दान से बृहस्पति के अशुभ प्रभाव कम हो सकते हैं।इस दिन सुबह पूजा के बाद केले के वृक्ष को जल अर्पित करें और ‘ओम बृं बृहस्पतये नमः’ मंत्र का 208 बार जाप करें।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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