Maharashtra News: महाराष्ट्र के वर्ली इलाके में बीजेपी के एक मोर्चे के दौरान उस वक्त माहौल गरमा गया, जब एक महिला ने मंत्री गिरीश महाजन पर बीच सड़क अपना गुस्सा जाहिर कर दिया। ट्रैफिक जाम से परेशान महिला ने मंत्री से तीखी बहस की और उन्हें मौके से हटने तक के लिए कह दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है।

कांग्रेस का हमला, सपकाल ने उठाए सवाल
इस घटना को लेकर हर्षवर्धन सपकाल ने बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, “महिलाओं के सशक्तिकरण के नाम पर राजनीति करने वाली, आरक्षण के मुद्दे को आगे कर महिलाओं को गुमराह करने वाली और उन्हें केवल राजनीतिक साधन की तरह इस्तेमाल करते हुए झूठा नैरेटिव फैलाने वाली भाजपा का असली चेहरा इस बहन ने वर्ली से निकले मोर्चे के सामने जाकर उजागर कर दिया है।”
मोर्चों और प्रचार पर भी उठाए सवाल
सपकाल ने आगे के मोर्चों और प्रचार अभियान पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, “महिला आरक्षण की आड़ में संविधान और चुनावी प्रक्रिया में बदलाव करने की भाजपा की साजिश को ‘इंडिया’ गठबंधन ने पहले ही नाकाम कर दिया था। इसके बाद अब मोर्चों और प्रचार के माध्यम से फिर से लोगों को गुमराह करने की कोशिश शुरू थी लेकिन इस साहसी बहन ने वह प्रयास भी विफल कर दिया है।”
सरकार लोकांना असे त्रास देते
*भाजपच्या वरळी येथील जांभोरी मैदान येथील मोर्च्यामध्ये एक महिला अनेक तासांपासून वाहतूक कोंडीत अडकली होती यामहिलेने भाजपच्या नेत्यांना मोर्च्यात येऊन जाब विचारला आणि गोंधळ घातला*
भरपूर वीडियो .. चेक कमेंट 👇👇 pic.twitter.com/jEZJfnN3Y1
— गजाभाऊ (@gajabhauX) April 21, 2026
महिलाओं की भूमिका पर दिया बड़ा बयान
हर्षवर्धन सपकाल ने अपने बयान में भविष्य की राजनीति को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा, “आज केवल मंत्री गिरीश महाजन को पीछे हटने पर मजबूर किया गया है। आने वाले समय में देश की महिलाएं इसी तरह भाजपा को सत्ता से बाहर करने का काम करेंगी।”
घटना के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एक तरफ जहां वीडियो को लेकर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक दल इसे अपने-अपने तरीके से भुना रहे हैं। आने वाले समय में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि सड़क पर हुई इस घटना ने सीधे तौर पर आम जनता और नेताओं के बीच के रिश्ते को चर्चा में ला दिया है।





