बवासीर, जिसे मेडिकल भाषा में पाइल्स कहा जाता है, एक ऐसी स्थिति है जिसमें मलाशय के निचले हिस्से और गुदा की नसों में सूजन आ जाती है। यह समस्या काफी कष्टदायक हो सकती है, लेकिन लाइफस्टाइल में बदलाव कर इसका इलाज किया जा सकता है।

बवासीर क्या है?
हमारे मलाशय के अंत में नसों का एक जाल होता है। जब इन नसों पर ज्यादा दबाव पड़ता है, तो वे फूल जाती हैं और उनमें सूजन आ जाती है। यह ठीक उसी तरह है जैसे पैरों में ‘वेरिकोज वेंस’ हो जाती हैं।
बवासीर मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है
अंदरूनी बवासीर: यह मलाशय के अंदर होती है। इसमें दर्द कम होता है लेकिन मल त्याग के समय खून आने की समस्या अधिक होती है।
बाहरी बवासीर: यह गुदा के बाहरी हिस्से की त्वचा के नीचे होती है। इसमें सूजन, खुजली और बैठने में काफी दर्द महसूस हो सकता है।
बवासीर होने के कारण
- पुरानी कब्ज
- कम फाइबर वाले फूड्स का सेवन
- लंबे समय तक टॉयलेट सीट पर बैठना
- भारी वजन उठाना
- गर्भावस्था
- मोटापा और खराब लाइफस्टाइल
बवासीर का घरेलू उपचार
इसबगोल का सेवन
इसबगोल का सेवन बवासीर से निजात दिलाने में कारगर है। इसके लिए रात को एक चम्मच इसबगोल को दूध या पानी के साथ लें। इससे कब्ज दूर होती है और मल त्याग आसान होता है।
एलोवेरा जेल
एलोवेरा में सूजन कम करने वाले गुण होते हैं। अगर आपको अंदरूनी बवासीर है तो इसके जूस का सेवन करें। वहीं बाहरी बवासीर होने पर इसे बाहर लगाएं।
नारियल तेल
नारियल तेल बवासीर में रामबाण साबित होता है। ये जलन और खुजली को कम करने में सहायक है।
मूली का रस
सुबह खाली पेट मूली का रस पीने से काफी आराम मिल सकता है।
बवासीर होने पर क्या खाएं?
- हरी सब्ज़ियां (पालक, लौकी, तोरी)
- फल (पपीता, नाशपाती, सेब)
- साबुत अनाज
- दही और छाछ
- खूब सारा पानी (8–10 गिलास)
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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