भारत के हाथ एक ऐसा खजाना लग गया है जिसे पाने के लिए दुनिया के कई देश पागल हो रहे हैं। फ्रांस में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने एक चीनी मिसाइल को खोल दिया और कुछ ही महीनों में इस मिसाइल ने भारत को होश उड़ा देने वाले सीक्रेट्स बता दिए हैं। दशकों की रिसर्च के बाद तैयार हुआ चीनी मिसाइल प्रोग्राम अब किसी काम का नहीं रहेगा। भारत ने चीन की एक सबसे लेटेस्ट मिसाइल टेक्नोलॉजी को डिकोड करने में सफलता हासिल कर ली है। आपको याद होगा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान में लगे चीनी एयर डिफेंस सिस्टम को नाकाम कर दिया था। मेड इन चाइना JF17 विमान को भी मार गिराया था। इसी JF7 लड़ाकू विमान ने एक चीनी मिसाइल PL15E को भारत की तरफ फायर किया था। PL15E चीन के एडवांस्ड मिसाइल प्रोग्राम की एयर टू एयर मिसाइल थी। जिसे भारत की बेहतरीन इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर यूनिट ने हवा में ही बेअसर कर दिया था।
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चीन की PL15 ई मिसाइल साबुत की साबुत पंजाब के होशियारपुर में आ गिरी। उसी दिन से भारत इस मिसाइल का ऑपरेशन कर रहा था। इसकी टेक्नोलॉजी को डिकोड करने की कोशिश कर रहा था और अब भारत को वह सफलता मिल गई है। ऐसा पहली बार हुआ था जब भारत को चीन की एक मिसाइल सही सलामत मिल गई थी। अब यही मिसाइल चीन को बर्बाद कर देगी। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत ने अब यह पता लगा लिया है कि चीन की PL1-15 ई मिसाइल कैसे टारगेट की पहचान करती थी और फिर टारगेट को ट्रैक करके कैसे आगे बढ़ती थी। चीन इस मिसाइल को भारत के रफाल और सुखोई लड़ाकू विमानों के लिए खतरे के रूप में पेश करता रहा है। लेकिन फ्रांस में छपी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत ने चीन की पीएल-15 मिसाइल के सीक्रेट कोड को अपने स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट से जोड़ दिया है। यह वॉरफेयर सूट अब भारत के स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान में लगाए गए हैं। इसके बाद अपग्रेड हो रहे Sukhoi 30 जेट्स में भी यह वॉरफेयर सूट लगाए जाएंगे।
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भारत के जिन लड़ाकू विमानों को टारगेट करने के लिए चीन ने पीएल15 ई मिसाइल बनाई थी, उन्हीं लड़ाकू विमानों में चीन की इस मिसाइल का काट लगा दिया गया है। इसके अलावा भारत भी अस्तरा नाम की हवा से हवा में मारने वाली मिसाइल बना रहा है। अब चीन की पीएल15 ई मिसाइल को स्टडी करके भारत ने अस्तरा को और भी ज्यादा घातक बना दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मिसाइल से मिली जानकारियों की मदद से भारत समेत अब कई देश पीएल 155 की काट बना सकेंगे। इसीलिए शायद दुनिया के बड़े-बड़े देश भारत से पीएल15 ई मिसाइल की टेक्नोलॉजी को हासिल करना चाहते हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, कनाडा, फ्रांस और जापान भारत से पीएल15 ई मिसाइल की टेक्नोलॉजी मांग रहे हैं।
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